एक महीने के लिए बैराज पुल से नहीं जा सकेंगे बड़े वाहन अधिकारी मौके पर जाँच करते हुए
| Agency - 21 Apr 2019

दिल्ली-पौड़ी गढ़वाल हाईवे पर गंगा बैराज के क्षतिग्रस्त हुए पुल पर एक माह तक भारी वाहन नहीं दौड़ पाएंगे। इसमें अधिकारियो का कहना यह है कि पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से को ठीक करने में एक माह लगेगा। डीएम के साथ शनिवार को एनएच मेरठ की टीम ने नोएडा क़ी एक्सपर्ट टीम को लेकर मौके पर जांच की। इस दौरान उन्होंने पाया की पुल का बॉल बोरिंग जाम हो गया है और बीम भी झुक गया है।


शुक्रवार को गंगा बैराज के पुल के गेट नंबर 14 पर करीब डेढ़ मीटर सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बाद अधिकारियो के आदेश से  भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। इसे लेकर लोगों में हलचल मची रही। पुल से होकर दिल्ली, मेरठ, हरियाणा, मुजफ्फरनगर, पंजाब, हरिद्वार, पौड़ी, कोटद्वार वाहन जाते हैं। यह पुल उत्तराखंड को जोड़ता है। पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद अफसरों में खलबली मच गई। शनिवार की सुबह करीब दस बजे डीएम सुजीत कुमार, एनएचएआई मेरठ की टीम, नोएडा की एक्सपर्ट टीम व सिंचाई विभाग के अफसरों के साथ मौके पर जाकर जांच पड़ताल की।
   

एनएचएआई की टीम ने पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से को ठीक करने के लिए डेढ़ माह का समय मांगा। डीएम ने एक माह के भीतर क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत करने को टीम से कहा। टीम एक दो दिन में पुल की मरम्मत का काम शुरू कर देगी। डीएम सुजीत कुमार के मुताबिक जांच के दौरान पाया गया कि बॉल बोरिंग जाम होने व बीम झुकने के कारण पुल का हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। भारी वाहनों की पुल पर आवाजाही पर अभी 15 दिन तक रोक लगाई गई थी, जिसे बढ़ाकर 30 दिन कर दिया गया है। पुल का क्षतिग्रस्त हिस्सा एक माह में ठीक होगा। डीएम ने बताया कि पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से के सामने गुजरते वक्त छोटे वाहनों की गति भी बहुत कम रहेगी। छोटे वाहनों को क्षतिग्रस्त हिस्से के पास से बहुत धीमी गति से वाहनों को निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से के पास पुलिस तैनात है। कोई छोटा वाहन तेज गति से वहां से नहीं निकल पाएगा।


बैराज के पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की अगर पहले से जांच होती तो शायद पुल के क्षतिग्रस्त होने की नौबत न आती। एनएच के अफसरों की मानें तो एक साल से पुल उनके पास है। इससे पहले यह पुल पीडब्ल्यूडी के पास था। जांच टीम ने पाया कि पुल की उचित तरीके से जांच नहीं की गई और न ही इसे देखा गया। मरम्मत आदि का काम भी नहीं हुआ। इसलिए पुल का यह हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। 

बैराज के पुल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के बाद छोटे वाहनों को पुल से धीमी गति से निकाला गया। रात भर छोटे वाहन तो निकलते रहे, पर बड़े वाहन नहीं निकल पाए। काफी तादाद में वाहन बैराज के आधे रास्ते से वापस आए। बड़े वाहनों के नहीं निकलने पर लोगों को भारी दिक्कत उठानी पड़ी। शनिवार को बड़े वाहन वाया गजरौला होकर मेरठ व दिल्ली गए।


Browse By Tags


Related News Articles