भाजपा का ममता के गढ़ पर हमला
| Agency - 16 May 2019

 


ममता दीदी को गुस्सा यूं ही नहीं आ रहा है। भाजपा ने अब उनके गढ़ पर हमला कर दिया है। लोकसभा चुनाव के 6 चरण पूरे हो चुके हैं और पश्चिम बंगाल की 42 लोकसभा सीटों में से 33 सीटों पर चुनाव सम्पन्न हो चुका है। अब सिर्फ 9 लोकसभा सीटें बची हैं जिनपर अंतिम चरण 19 मई को मतदान होगा। भाजपा के लिए अब सिर्फ पाना ही पाना है, उसके लिए खोने को कुछ नहीं बचा जबकि तृणमूल कांग्रेस के लिए सिर्फ खोना ही खोना हे। भाजपा के लिए छठा चरण महत्वपूर्ण था लेकिन सातवें चरण में पार्टी की इस बात के लिए परीक्षा होगी कि वह शहरी और अर्ध शहरी मतदाताओं के बीच अपनी कितनी पकड़ बना पाती है। सातवें चरण का मतदान सीधे-सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की प्रतिष्ठा से जुड़ा है, इसीलिए उन्होंने भी अपनी पूरी ताकत लगा दी है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की जनसभा को अनुमति न देना भी इसी रणनीति का एक अंग है। सरकार अपनी तरफ से पुख्ता बहाना भी तलाश कर लेती है लेकिन जनता में एक गलत संदेश जा रहा है।
अंतिम चरण में जादवपुर लोकसभा सीट पर भी मतदान होना है। इसी लोकसभा सीट के तहत बारूईपुर विधानसभा क्षेत्र में गत 12 मई को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की रैली होनी थी। इस जनसभा की इजाजत नहीं दी गयी। यहां पर भाजपा ने अनुपम हाजरा को प्रत्याशी बनाया है। श्री अमित शाह अनुपम हाजरा के समर्थन में बारूईपुर के मदारहाट इलाके में जनसभा को संबोधित करने वाले थे। प्रदेश भाजपा नेता व समर्थकों ने पूरी तैयारी भी कर ली थी लेकिन अचानक जानकारी मिली कि जमीन के मालिक ने सभा के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया है। भाजपा के नेताओं का आरोप है कि आखिरी समय में जमीन के मालिक के रवैये के पीछे ममता समर्थकों का हाथ है। बहरहाल भाजपाइयों को जैसे ही यह पता चला कि रैली के लिए अनुमति रद्द कर दी गयी है तो वे गुस्से में आ गये। उसी समय तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों की रैली निकल रही थी। गुस्साए भाजपाइयों ने उस रैली को निशाना बनाया। मामला काफी तनाव पूर्ण हो गया, पुलिस बल उतारा गया। 
इसके बाद उसी दिन भाजपा के फायरब्रांड नेता और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रैली भी रद्द कर दी गयी। इस रैली के लिए भी अनुमति मिलचुकी थी। योगी आदित्यनाथ 15 मई को दिन के 12 बजे हाबड़ा, कोलकाता उत्तर लोकसभा क्षेत्र के फूल बागान में 2 बजे रैली करने वाले थे। इसीदिन सायं 3 बजे योगी को दक्षिण कोलकाता लोकसभा सीट के नेहला में रैली करनी थी। भाजपा के अनुसार 24 परगना जिला प्रशासन और सीईओ ने योगी की बेहला वाली रैली रद्द कर दी है लेकिन बाकी दोनों रैलियों की अनुमति बरकरार है। प्रशासन ने योगी की रैली की अनुमति रद्द करने का कारण नहीं बताया। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्वोत्तर के प्रभारी सुनील देवधर ने ट्वीट कर कहा है कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र का मखौल उड़ाया जा रहा है। इसी प्रकार की प्रतिक्रिया भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी जतायी है। अपनी बारूई पुर की रैली की अनुमति रद्द किये जाने पर श्री अमित शाह ने कहा कि चुनाव आयोग अब भी ममता बनर्जी को पहचान नहीं पाया है। वह (आयोग) अन्य लोगों की तरह ममता दीदी को समझ रहा है लेकिन दीदी सामान्य नहीं है, वे कुछ भी करवा सकती है।
सवाल उठता है कि चुनाव के समय चुनाव आयोग के अधीन ही पुलिस प्रशासन काम करता है लेकिन पश्चिम बंगाल में इस प्रकार की शिकायत क्यों आ रही है। मजे की बात यह भी कि ममता बनर्जी से शिकायत भाजपा को ही ज्यादा है, कांग्रेस व माकपा को शिकायत नहीं हो रही है। इसका कारण यह है कि मतदान का अंतिम चरण मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की प्रतिष्ठा से सीधे जुड़ा है। अंतिम चरण में जिन सीटों पर मतदान होना है, उनमें डायमंड हार्वर, जय नगर, मथुरा पुर , जादवपुर, कोलकाता दक्षिण, कोलकाता उत्तर, दमदम, बारासात और बशीरहाट लोकसभा क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों में 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा दूसरे स्थान पर रही थी। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक शहरी गरीबों का हमेशा ममता बनर्जी की तरफ झुकाव रहा है। भाजपा ममता के इसी गढ़ में सेंध लगाना चाहती है। इस चरण की सबसे महत्वपूर्ण सीट जादवपुर और दक्षिण कोलकाता है यही ममता बनर्जी का गृहक्षेत्र है और यहीं से दीदी ने राजनीति शुरू की थी। 
ध्यान रहे कि 1984 में जब ममता बनर्जी युवानेता मानी जाती थीं, तब उस समय के माकपा के दिग्गज नेता माने जाने वाले सोमनाथ चटर्जी को पराजित कर दिया था। इस जीत के बाद ही ममता बनर्जी पहली बार राष्ट्रीय स्तर की नेता बनीं। इसके बाद उन्होंने खुद को दक्षिण कोलकाता में राजनीति का केन्द्र बनाया। इसी दक्षिण कोलकाता सीट से ममता बनर्जी 6 बार सांसद रही हैं। ममता बनर्जी ने 1998 में दक्षिण कोलकाता से ही तृणमूल कांग्रेस की शुरूआत की थी। इसके बाद से तृणमूल कांग्रेस इस सीट को बड़े अंतर से जीत रही है। उसे लगभग 50 फीसद मत मिलते रहे हैं लेकिन 2014 में मोदी लहर के समय ममता बनर्जी का मत प्रतिशत कम हो गया था। पिछले चुनाव में तत्कालीन भाजपा प्रत्याशी तथागतराय ने ममता बनर्जी के क्षेत्र भवानीपुर से भी बढ़त हासिल कर ली थी। इस बार भाजपा का जोर ज्यादा है। डायमंड हार्वर सीट पर भी देश भर की नजरें टिकी हैं। यहां पर भाजपा ने नीलांजन राय को प्रत्याशी बनाया है। नीलांजन राय की गाड़ी की गत 13 मई को दो-दो बार तलाशी ली गयी। इस पर वे विफर गये और बीच सड़क पर धरना देने लगे थे। उन्होंने भी आरोप लगाया कि राज्य में पुलिस तृणमूल के लिए काम कर रही है। पुलिस ने नीलांजन की गाड़ी को तब रोका था जब वे प्रदेश भाजपा कार्यालय से डायमंड हार्वर में होने वाली पीएम मोदी की जनसभा की तैयारी बैठक से वापस लौट रहे थे। इससे पूर्व 12 मई को भाजपा नेता मुकुल राय के वाहन की भी पुलिस ने दो स्थानों पर तलाशी ली थी।
डायमंड हार्बर लोकसभा सीट पर मुख्य मंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी चुनाव लड़ रहे है। भाजपा ने इस प्रकार ममता बनर्जी के सबसे मजबूत किले में सेंध लगाने का प्रयास तेज कर दिया है। भाजपा को दार्जिलिंग और आसन सोल के साथ डायमंड हार्वर, दमदम, बारासात और बशीर हाट में जीत हासिल करने की उम्मीद है। इसके साथ ही ममता दीदी के राजनीतिक गृह दक्षिण कोलकाता में भी भाजपा मत प्रतिशत बढाने का प्रयास करेगी। भाजपा ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को दक्षिण बंगाल के कोलकाता और उसके उपनगरीय इलाको में मात देने के लिए पूरी ताकत लगा दी है तो अपना गढ़ बचाने के लिए दीदी भी कोई कसर बाकी नहीं रखेंगी। (

ममता दीदी को गुस्सा यूं ही नहीं आ रहा है। भाजपा ने अब उनके गढ़ पर हमला कर दिया है। लोकसभा चुनाव के 6 चरण पूरे हो चुके हैं और पश्चिम बंगाल की 42 लोकसभा सीटों में से 33 सीटों पर चुनाव सम्पन्न हो चुका है। अब सिर्फ 9 लोकसभा सीटें बची हैं जिनपर अंतिम चरण 19 मई को मतदान होगा। भाजपा के लिए अब सिर्फ पाना ही पाना है, उसके लिए खोने को कुछ नहीं बचा जबकि तृणमूल कांग्रेस के लिए सिर्फ खोना ही खोना हे। भाजपा के लिए छठा चरण महत्वपूर्ण था लेकिन सातवें चरण में पार्टी की इस बात के लिए परीक्षा होगी कि वह शहरी और अर्ध शहरी मतदाताओं के बीच अपनी कितनी पकड़ बना पाती है। सातवें चरण का मतदान सीधे-सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की प्रतिष्ठा से जुड़ा है, इसीलिए उन्होंने भी अपनी पूरी ताकत लगा दी है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की जनसभा को अनुमति न देना भी इसी रणनीति का एक अंग है। सरकार अपनी तरफ से पुख्ता बहाना भी तलाश कर लेती है लेकिन जनता में एक गलत संदेश जा रहा है।
अंतिम चरण में जादवपुर लोकसभा सीट पर भी मतदान होना है। इसी लोकसभा सीट के तहत बारूईपुर विधानसभा क्षेत्र में गत 12 मई को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की रैली होनी थी। इस जनसभा की इजाजत नहीं दी गयी। यहां पर भाजपा ने अनुपम हाजरा को प्रत्याशी बनाया है। श्री अमित शाह अनुपम हाजरा के समर्थन में बारूईपुर के मदारहाट इलाके में जनसभा को संबोधित करने वाले थे। प्रदेश भाजपा नेता व समर्थकों ने पूरी तैयारी भी कर ली थी लेकिन अचानक जानकारी मिली कि जमीन के मालिक ने सभा के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया है। भाजपा के नेताओं का आरोप है कि आखिरी समय में जमीन के मालिक के रवैये के पीछे ममता समर्थकों का हाथ है। बहरहाल भाजपाइयों को जैसे ही यह पता चला कि रैली के लिए अनुमति रद्द कर दी गयी है तो वे गुस्से में आ गये। उसी समय तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों की रैली निकल रही थी। गुस्साए भाजपाइयों ने उस रैली को निशाना बनाया। मामला काफी तनाव पूर्ण हो गया, पुलिस बल उतारा गया। 
इसके बाद उसी दिन भाजपा के फायरब्रांड नेता और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रैली भी रद्द कर दी गयी। इस रैली के लिए भी अनुमति मिलचुकी थी। योगी आदित्यनाथ 15 मई को दिन के 12 बजे हाबड़ा, कोलकाता उत्तर लोकसभा क्षेत्र के फूल बागान में 2 बजे रैली करने वाले थे। इसीदिन सायं 3 बजे योगी को दक्षिण कोलकाता लोकसभा सीट के नेहला में रैली करनी थी। भाजपा के अनुसार 24 परगना जिला प्रशासन और सीईओ ने योगी की बेहला वाली रैली रद्द कर दी है लेकिन बाकी दोनों रैलियों की अनुमति बरकरार है। प्रशासन ने योगी की रैली की अनुमति रद्द करने का कारण नहीं बताया। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्वोत्तर के प्रभारी सुनील देवधर ने ट्वीट कर कहा है कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र का मखौल उड़ाया जा रहा है। इसी प्रकार की प्रतिक्रिया भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी जतायी है। अपनी बारूई पुर की रैली की अनुमति रद्द किये जाने पर श्री अमित शाह ने कहा कि चुनाव आयोग अब भी ममता बनर्जी को पहचान नहीं पाया है। वह (आयोग) अन्य लोगों की तरह ममता दीदी को समझ रहा है लेकिन दीदी सामान्य नहीं है, वे कुछ भी करवा सकती है।
सवाल उठता है कि चुनाव के समय चुनाव आयोग के अधीन ही पुलिस प्रशासन काम करता है लेकिन पश्चिम बंगाल में इस प्रकार की शिकायत क्यों आ रही है। मजे की बात यह भी कि ममता बनर्जी से शिकायत भाजपा को ही ज्यादा है, कांग्रेस व माकपा को शिकायत नहीं हो रही है। इसका कारण यह है कि मतदान का अंतिम चरण मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की प्रतिष्ठा से सीधे जुड़ा है। अंतिम चरण में जिन सीटों पर मतदान होना है, उनमें डायमंड हार्वर, जय नगर, मथुरा पुर , जादवपुर, कोलकाता दक्षिण, कोलकाता उत्तर, दमदम, बारासात और बशीरहाट लोकसभा क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों में 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा दूसरे स्थान पर रही थी। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक शहरी गरीबों का हमेशा ममता बनर्जी की तरफ झुकाव रहा है। भाजपा ममता के इसी गढ़ में सेंध लगाना चाहती है। इस चरण की सबसे महत्वपूर्ण सीट जादवपुर और दक्षिण कोलकाता है यही ममता बनर्जी का गृहक्षेत्र है और यहीं से दीदी ने राजनीति शुरू की थी। 
ध्यान रहे कि 1984 में जब ममता बनर्जी युवानेता मानी जाती थीं, तब उस समय के माकपा के दिग्गज नेता माने जाने वाले सोमनाथ चटर्जी को पराजित कर दिया था। इस जीत के बाद ही ममता बनर्जी पहली बार राष्ट्रीय स्तर की नेता बनीं। इसके बाद उन्होंने खुद को दक्षिण कोलकाता में राजनीति का केन्द्र बनाया। इसी दक्षिण कोलकाता सीट से ममता बनर्जी 6 बार सांसद रही हैं। ममता बनर्जी ने 1998 में दक्षिण कोलकाता से ही तृणमूल कांग्रेस की शुरूआत की थी। इसके बाद से तृणमूल कांग्रेस इस सीट को बड़े अंतर से जीत रही है। उसे लगभग 50 फीसद मत मिलते रहे हैं लेकिन 2014 में मोदी लहर के समय ममता बनर्जी का मत प्रतिशत कम हो गया था। पिछले चुनाव में तत्कालीन भाजपा प्रत्याशी तथागतराय ने ममता बनर्जी के क्षेत्र भवानीपुर से भी बढ़त हासिल कर ली थी। इस बार भाजपा का जोर ज्यादा है। डायमंड हार्वर सीट पर भी देश भर की नजरें टिकी हैं। यहां पर भाजपा ने नीलांजन राय को प्रत्याशी बनाया है। नीलांजन राय की गाड़ी की गत 13 मई को दो-दो बार तलाशी ली गयी। इस पर वे विफर गये और बीच सड़क पर धरना देने लगे थे। उन्होंने भी आरोप लगाया कि राज्य में पुलिस तृणमूल के लिए काम कर रही है। पुलिस ने नीलांजन की गाड़ी को तब रोका था जब वे प्रदेश भाजपा कार्यालय से डायमंड हार्वर में होने वाली पीएम मोदी की जनसभा की तैयारी बैठक से वापस लौट रहे थे। इससे पूर्व 12 मई को भाजपा नेता मुकुल राय के वाहन की भी पुलिस ने दो स्थानों पर तलाशी ली थी।
डायमंड हार्बर लोकसभा सीट पर मुख्य मंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी चुनाव लड़ रहे है। भाजपा ने इस प्रकार ममता बनर्जी के सबसे मजबूत किले में सेंध लगाने का प्रयास तेज कर दिया है। भाजपा को दार्जिलिंग और आसन सोल के साथ डायमंड हार्वर, दमदम, बारासात और बशीर हाट में जीत हासिल करने की उम्मीद है। इसके साथ ही ममता दीदी के राजनीतिक गृह दक्षिण कोलकाता में भी भाजपा मत प्रतिशत बढाने का प्रयास करेगी। भाजपा ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को दक्षिण बंगाल के कोलकाता और उसके उपनगरीय इलाको में मात देने के लिए पूरी ताकत लगा दी है तो अपना गढ़ बचाने के लिए दीदी भी कोई कसर बाकी नहीं रखेंगी। (


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