हिमाचल की वादियों मंे भाषणों की गूंज
| Agency - 19 May 2019

 

इसमें कोई संदेह नहीं कि हिमाचल मंे लोकसभा चुनाव के प्रचार मंे भाजपा और कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी। मुख्य मुकाबला भी इन्हीं दोनों दलों के बीच रहा। मौजूदा समय मंे भाजपा के चारों सांसद हैं और उसी नतीजे को पार्टी दोहराना चाहती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य में तीन धुंआधार रैलियां की हैं। केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी कुल्लू मंे 16 मई को चुनावी जनसभा की थी। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को उत्तर प्रदेश मंे चुनाव प्रभारी बनाया गया है और इस दायित्व के चलते वह अपने गृह राज्य मंे प्रचार करने नहीं पहुंच पाए। इसके लिए उन्हांेने हिमाचल की जनता से माफी मांगी है। राज्य के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर तो लगातार जनसभाएं करते रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 10 मई को ऊना मंे बड़ी चुनावी रैली की थी और प्रदेश कांग्रेस के अन्दर जो मतभेद चल रहे हैं उनको दूर करने का प्रयास किया। राहुल गांधी ने ऊना मंे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखवीर सिंह सुक्खू और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को एक मंच पर बैठाया, सोलन मंे भी राहुल गांधी ने 17 मई को रैली की थी। यहां पर चारों लोकसभा की सीटों पर मतदान केे अंतिम चरण 19 मई को मतदान होगा। इसी दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चुनाव क्षेत्र वाराणसी ंमंे भी वोट पड़ेंगे।
हिमाचल मंे लोकसभा चुनाव निष्पक्ष कराने के उद्देश्य से 17 मई को शराब की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी देवेश कुमार ने बताया कि दुर्गम क्षेत्रों मंे हेलिकाप्टर से भी पोलिंग पार्टियों को रवाना किया जाएगा। जिला चुनाव अधिकारियों से मतदान केन्द्रों की स्टेटस रिपोर्ट मांगी गयी और सब कुछ दुरुस्त पाया गया है। सख्त निगरानी के तहत 17 मई को मतदान से 48 घंटे पहले विभिन्न क्षेत्रों मंे प्रचार कर रहे बाहर के नेताओं और कार्यकर्ताओं को हटा दिया गया लेकिन इन नेताओं की वाणी हिमाचल की वादियों मंे गूंज रही है। जनता इसकी चर्चा भी कर रही है। भाजपा के नेताओं के अनुसार सबसे ज्यादा चर्चा प्रधानमत्रंी नरेन्द्र मोदी की हो रही है। इसका एक कारण यह है कि श्री मोदी हिमाचल के प्रभारी भी रह चुके हैं और इसके चलते उन्होंने हिमाचल की संस्कृति को समझा और अपनाया भी। हिमाचल प्रदेश की भाजपा इकाई के दिग्गज नेता प्रेम कुमार धूमल को आगे बढ़ाने वालों मंे श्री मोदी का ही हाथ रहा है। मंडी लोकसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी रामस्वरूप शर्मा को  श्री मोदी का अभिन्न मित्र समझा जाता है। प्रेम कुमार धूमल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का बेहद करीबी माना जाता है। इस बात का गवाह बने 1984 का वह सदर्भ है, जब भाजपा के दिग्गज नेता जगदेव चन्द्र ने हमीरपुर सीट से संसदीय चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था उस समय नरेन्द्र मोदी हिमाचल प्रदेश के प्रभारी हुआ करते थे। नरेन्द्र मोदी ने ही प्रेम कुमार धूमल के नाम को आगे बढ़ाया था और यह धूमल के चुनावी राजनीति मंे प्रवेश का एक दुर्लभ अवसर था। इसके बाद ही श्री धूमल चार बार विधायक, दो बार मुख्यमंत्री और तीन बार सांसद बने। इतना ही नहीं श्री धूमल के बेटे अनुराग ठाकुर भी तीन बार सांसद रह चुके हैं। इस बार भी हमीरपुर से वे भाजपा के प्रत्याशी हैं।
इस प्रकार श्री मोदी की आवाज तो हिमाचल की वादियों मंे बहुत पहले से गूंज रही है। इस बार के चुनाव मंे मोदी ने तीन धुंआधार रैलियां और जनसभाएं की हैं। श्री मोदी हिमाचल को कभी भूल नहीं पाये। प्रभारी होने के नाते वे यहां अक्सर आते-जाते रहते थे। यहां के लोगों से मिलना, उनके साथ बैठकर खाना-पीना उनके लिए सुखद अनुभव रहे हैं। गत दिनों हिमाचल के मंडी लोकसभा क्षेत्र अन्तर्गत पड्डल मैदान पर जब रैली करने पहुंचे तो श्री मोदी ने अपने उन्हीं अनुभवों को साझा किया था। कुल्लू-मनाली यहां का विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। मनाली मंे पैराग्लाइडिंग ट्रेनर रोशन ठाकुर से श्री मोदी की कई बार मुलाकात हुई। रोशन की बेटी मेडल जीत कर जब श्री मोदी के पास पहुंची और बताया कि मैं रोशन की बेटी हूं तो श्री मोदी को यह जानकर बहुत खुशी हुई थी, जिसका जिक्र श्री मोदी ने जनसभा मंे किया था।
इसी प्रकार श्री मोदी ने एक चाय वाले का जिक्र किया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब मैं मंडी मंे रैली करने के लिए आ रहा था तब दिल्ली मंे ही बताया गया कि यहां का मौसम खराब है। हेलिकाप्टर उतरना मुश्किल होगा। श्री मोदी ने कहा कि तब मैंने मन में कहा कि अगर बिजली महादेव की कृपा होगी तो मेरा हेलिकाप्टर वहां सुरक्षित लैण्ड होगा। श्री मोदी की इस बात से लोगों मंे उत्सुकता पैदा हुई और उन्हांेने इस किस्से को सुनने की जिज्ञासा जतायी। श्री मोदी ने तब बहुत पहले का एक वाकया बताया। उन्हांेने कहा एक बार जब बिजली महादेव गया तो जोरों की बारिश शुरू हो गयी। उस जमाने मंे आज जैसे रास्ते भी नहीं थे और मैं भी बिना किसी तैयारी के गया था। अर्थात् इतने कपड़े नहीं थे कि बार-बार भीगूं और दूसरे कपड़े बदलूं। बारिश और तेज हो गयी। कुछ दूरी पर एक चाय वाले सज्जन थे। उनके पास पहुंचा और गर्म-गर्म चाय पीता रहा। इस प्रकार पूरे पांच घंटे वहां रुका रहा। श्री मोदी कहते हैं कि वे चाय वाले सज्जन आज भी इस चाय वाले को याद करते हैं।

विपक्षी नेता भले ही ऐसी बातों को जुमलेबाजी कहें लेकिन हिमाचल की वादियों मंे अगर इनकी चर्चा बार-बार होती है तो कहना पड़ेगा कि ये सदाएं (आवाजें) वादियों मंे गूंज रही हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 17 मई को भी इसका जिक्र किया। उस दिन सोलन मंे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की जनसभा थी। राहुल की जनसभा ऊना के झलेड़ा मंे भी हो चुकी है। सोलन मंे भी लगभग वहीं आरोप उन्हांेने दोहराये। राहुल गांधी ने अपने भाषण का आगाज मोदी पर हमले से किया। ऊना के झलेड़ा मंे तो राहुल गांधी ने भाषा की मर्यादा को भी ताख पर रख दिया था। यह सही है कि भाजपा मंे श्री लालकृष्ण आडवाणी को किनारे किया गया लेकिन यह भाजपा के घर का मामला है। राहुल गांधी ने कहा कि मोदी ने आते ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को बाहर कर दिया। नरेन्द्र मोदी ने अपने कोच आडवाणी को दो चांटे मारे।इतना ही नहीं राहुल गांधी लगातार शब्दों की मर्यादा लांघते चले गये और कहने लगे कि मोदी ने अपनी टीम के लोगों की इज्जत नहीं की, चाहे आडवाणी हों, चाहे गडकरी हों या हिमाचल के सीएम हों, मोदी ने कभी भी किसी की बात नहीं सुनी। इस दौरान राहुल ने नोटबंदी पर भी मोदी पर निशाना साधा था। उन्हांेने कहा था कि मोदी ने नोटबंदी लागू करने के लिए आरबीआई से लेकर आम आदमी तक से नहीं पूछा, अपनी मनमानी की। राहुल गांधी ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती का जिक्र तो सबसे बाद मंे किया जिन पर आरोप था कि उन्होंने राहुल गांधी के प्रति अपशब्द कहे थे। राहुल गांधी कांग्रेस प्रत्याशी रामलाल ठाकुर को वोट देने की अपील करने आये थे लेकिन भाजपा के परिवार की निंदा करते रहे। इस तरह की बातें ज्यादा समय तक चर्चा मंे नहीं रहती हैं लेकिन जब कोई हिमाचली व्यंजन सेपा बड़ी और बिजली महादेव की बात करता है तो उसकी चर्चा होना स्वाभाविक है। 


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