‘राजधानी निकुंज‘‘ में हो रहा श्री मद् भागवत् की मोक्षदायनी कथा का प्रवचन
| Agency - 14 Nov 2019

आई.पी. एक्सटेंषन की सर्व चर्चित गु्रप हाउसिंग सोसायटी ‘‘राजधानी निकुंज‘‘ के
प्रांगण मे श्री धाम वृदावन से पधारे श्री मद् भागवत् मर्मज्ञ आचार्य श्री नित्यानंद
गिरी जी महाराज द्वारा श्री मद् भागवत् की मोक्षदायनी कथा का प्रवचन हो रहा
है।
राजधानी निंकुज में इस वर्श आचार्य श्री द्वारा 9 दिवसीय महा षिव पुरान की कथा
का आयोजन किया गया था तभी श्री अम्बे प्रसाद सिंगल ने परिवार सहित प्रार्थना
की थी कि आप कार्तिक मास में भागवत कथा करें जिसे श्री सुषील गोयल की
प्रार्थना पर महाराज जी ने सहर्श स्वीकृति प्रदान की थी।
आचार्य श्री की मधुर व ओजपूर्ण वाणी में होने वाले इस आयोजन में दूर-दूर से
भक्त जन पधार कर श्रीमद् भागवत पुरान का आनन्द ले रहे है । महाराजा जी
द्वारा भक्तजनों को श्रेष्ठ जीवन शैली  के लिये बताया कि आवश्यक  है कि आप
‘‘लोभ‘‘ से बचें क्योंकि पाप का बाप है लोभ। उन्होंने संसार की उत्पत्ति के साथ
कथा आरम्भ की तथा सभी अवतारों की चर्चा की। भागवत् पुराण में सूर्यवंषी व
चन्द्रवंषी परिवारों की। कथा प्रस्तुत की सूर्यवंषी भगवान श्री राम व चन्द्रवंषी
भगवान श्री कृष्णा  की लीलाओं की कथाओं का मर्मज्ञ वर्णन किया।
आचार्य श्री ने भक्त प्रहलाद की कथा भाव पूर्वक सुनाकर जनमानस को अधिभूत
कर दिया। भरत की कथा ने षिक्षा दी कि आप सहनषील बने , देवो के देव
महादेव नीलकंठ की कथा प्रस्तुत करते हुये कहा कि आप को कभी भी किसी की
वाणी, कर्म से कश्ट पहुंचे तो उसे कंठ से नीचे ना जाने दें। यही नीलकंठ महादेव
ने आपको प्रेरणा दी है। आयोजन को सफल बनाने में सामाजिक कार्यकत्र्ता श्री
सुरेष बिन्दल का भी सहयोग रहता है।
भाव विमोर नर-नार कथा प्रांगण में नृत्य व संगीत के साथ भगवान की आराधना
कर रहे हैं।
कथा का आयोजन सर्व श्री अम्बे प्रषाद सिंगल, नितिन सिंगल, विपिन सिंगल व
सचिन सिंगल समस्त व्यवस्था सम्भाल रहे हैं। दीप प्रज्ज्वलन के साथ आरम्भ कथा
ठीक 6.30 समाप्त होती है तथा आरती व प्रसाद वितरण के साथ समाप्त होती है।
आप भी इस का लाभ उठा सकते है।


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