आंदोलन में शामिल एक किसान ऐसा भी जो बेटी की शादी पर नहीं गया
| Manoj Chaudhary - 04 Dec 2020

पूर्वी दिल्ली,  केंद्र सरकार के साथ किसानों की एक और दौर की बातचीत हुई लेकिन किसानों  और सरकार के बीच सहमति नहीं बनी. किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए है. किसान अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने को राजी नहीं हैं. किसान अपने घर का सारा कामकाज छोड़कर प्रदर्शन में डटे हुए हैं. एक ऐसे ही किसान हैं सुभाष चीमा  जिनकी बेटी की शादी  थी लेकिन वे इसमें शामिल नहीं हुए क्योंकि उनके लिए किसानों की आवाज उठाना ज्यादा जरूरी है.वे अपने किसान भाइयो छोड़कर नहीं गए, उन्होंने वीडियो कॉल कर बेटी को आशीर्वाद दिया। किसान सुभाष चीमा ने एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में कहा कि आज वो जो कुछ भी हैं अपनी खेती-किसानी की वजह से हैं. जिंदगी भर उन्होंने खेती का काम किया और इसी से उनका परिवार चलता है। ऐसी स्थिति में वे किसान आंदोलन से अपनी नजरें नहीं मोड़ सकते और इसे बीच में छोड़कर नहीं भाग सकते. सुभाष चीमा ने कहा कि गुरुवार को उनकी बेटी की शादी थी लेकिन उन्होंने इसमें हिस्सा नहीं लिया। बताया जा रहा है कि सुभाष चीमा जो उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचे हैं. चीमा पिछले 6 दिन से आंदोलन में डटे हुए हैं। गुरुवार को दिल्ली से 111 किमी दूर अमरोहा में उनकी बेटी की शादी थी। उन्होंने वीडियो कॉल के जरिये बेटी की शादी देखी. शहनाई की आवाज भी उन्होंने अपने फोन पर ही सुनी।


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