काव्य परम्परा की संवत 2075 की प्रथम और 88 वी प्रस्तुति कवियत्री सम्मेलन के रूप में सफल सम्पन्न हुई।
| Agency - 03 Apr 2018

ष्सैनिक लड़ते हैं सरहद परए तुम संसद में लड़ते होए
वो भिड़ते हैं दुश्मन से पर तुम आपस में भिड़ते हो।
कुर्सी की खातिर ही कुर्सी एक दूजे पर फेंकी हैए
हर नेता ने अपनी अपनी ही बस रोटी सेकी है।

आइपेक्स भवन में काव्य परम्परा की संवत 2075 की प्रथम और 88 वी प्रस्तुति कवियत्री सम्मेलन के रूप में सफल सम्पन्न हुई।
मां सरस्वती के अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के उपरांतए प्रधान सुरेश बिंदल ने सुशील गोयलए उमाशंकरए आशु गुप्ताएप्रभात अग्रवाल द्वारा पुष्प गुच्छ से कवियों का स्वागत कराया।
संरक्षक कविश्रेष्ठ डॉ गोविन्द व्यास ने अध्यक्षता की।
सरस्वती वन्दना से प्रारम्भ हुए सम्मेलन में सर्वप्रथम अम्बाला से पधारी प्रोफेसर अनामिका वालिया ने ओज का स्वर दिया.

ष्सैनिक लड़ते हैं सरहद परए तुम संसद में लड़ते हो
वो भिड़ते हैं दुश्मन से पर तुम आपस में भिड़ते होए
कुर्सी की खातिर ही कुर्सी एक दूजे पर फेंकी हैए
हर नेता ने अपनी अपनी ही बस रोटी सेकी है।ष्

मथुरा से पधारी श्रीमती पूनम वर्मा ने प्रेम और श्रृंगार के गीतों से खचाखच भरे सभागार में श्रोताओं की वाहवाही लूटी.

ष्हम बिजली की चमकार हमारा क्या कहनाए
हम प्यार के बंधनवार हमारा क्या कहना।ष्


कोटा से पधारीं वरिष्ठतम कवियत्री श्रीमती पूर्णिमा शर्मा ने अपने गीतों से श्रोताओं को झकझोर दिया.

ष्शूरता के शब्द चुनो वेदना का व्याकरणए
मैं गुंजन का नही हूँए भावना का अनावरण।ष्

उत्कृष्ट एवं अनुभवी संचालिका देश की प्रतिष्ठित कवियत्रीडॉ कीर्ति काले ने अपनी भाषा शैली एवं धारा प्रवाह गीतों से सभी को अभिभूत किया.

ष्मदभरी रात को प्यार की बात को चांदनी में नहाकर निखारने तो दोए
मन संभालोए संभालो पियाए मेह महुए से झरकर  बिखरने तो दोण्ण्ण्ष्

डॉण् काले नेअपना परिचय कुछ यूं दिया.

ष्ज़िन्दगी को जवाब देती हूंए
हर तरह से हिसाब देती हूंए
जो बिछाते हैं राह में कांटेए
उनको मैं गुलाब देती हूंष्

संरक्षक डॉ गोविन्द व्यास ने अपने सम्बोधन में सभी की प्रशंसा करते हुए कवियत्रियों के मंच पर पढ़ने के इतिहास को बताते हुए उस पर शोध की आवश्यकता को कहा। डॉण् व्यास नेवाचक परम्पराकी प्रथम कवियत्री सुभिद्रा कुमारी चौहान को याद करते हुए कहा उनसेपूर्व किसी महिला कवि का मंच पर कविता पथ का इतिहास नहीं मिलता है उन्होंने इस पर शोध की आवश्कता पर बल दिया।
राष्ट्रगान से सम्पन्न सम्मेलन में सहयोगी संस्था इंद्रप्रस्थ अग्रवाल समाज द्वारा सभी को रात्रि भोज कराया। क्षेत्र के प्रमोद अग्रवालए प्रदीप पुष्पए सुषमा सिंहए शशि गुप्ताए रचना सरीनए योगेंद्र बंसलए हेमन्त गुप्ताए उमेश गोयनका डॉण् अंजलि गुप्ताए दिनेश गुप्ताए प्रभात अग्रवालए सतेन्द्र अग्रवालए गिरीश गुप्ताए वेद प्रकाश पंचालए शील चंद जैनए मुकेश गर्गए शशि गुप्ताए रीता अग्रवाल आदि अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


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