यूपी के निजी स्कूलों में मनमानी फीस बंद
| Manoj Chaudhary - 04 Apr 2018

लखनऊ, प्रदेश में निजी स्कूल अब मनमाने तरीके से फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। सरकार ने निजी स्कूलों की सालाना फीस वृद्धि का फॉर्मूला तय कर दिया है। इस फॉर्मूले के तहत निजी स्कूल अद्यावधिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में पिछले सत्र के शुल्क का पांच प्रतिशत जोड़ते हुए हर साल इतनी ही फीस बढ़ा सकेंगे। शर्त यह होगी कि इस तरह से निर्धारित किया गया शुल्क स्कूल के शिक्षकों और कर्मचारियों की मासिक प्रति व्यक्ति आय में हुई वृद्धि के औसत से अधिक नहीं होगा। तय से अधिक फीस वसूलने पर स्कूल प्रबंधन पर पहली बार एक लाख रुपये और दूसरी मर्तबा पांच लाख रुपये आर्थिक दंड लगाया जाएगा। तीसरी बार ऐसा करने पर उनकी मान्यता रद कर दी जाएगी। निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली पर अंकुश लगाने के लिए सरकार अध्यादेश लाने जा रही हैै। प्रस्तावित अध्यादेश उन सभी निजी स्कूलों पर लागू होगा जिनका वार्षिक शुल्क 20 हजार रुपये से अधिक है। इसके दायरे में यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आइसीएसई व अन्य बोर्ड से मान्यताप्राप्त/संबद्ध सकूल सहित वे विद्यालय भी आएंगे जिन्हें अल्पसंख्यक दर्जा हासिल है। यूपी के उप मुख्‍यमंत्री दिनेश शर्मा ने इस दौरान कहा कि अब स्‍कूल 7 से 8 फीसदी से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेंगे. कैबिनेट की बैठक में निजी स्कूलों में मनमानी फीस पर नियमावली का प्रस्‍ताव पेश किया गया, जिसे पारित कर दिया गया है. इस नियमावली के दायरे में प्रदेश के 20 हजार रुपये से अधिक फीस लेने वाले स्‍कूल आएंगे. साथ ही नियमों का उल्‍लंघन करने पर स्‍कूलों के ऊपर कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी.


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