कमलनाथ ने तय किया टारगेट
| Agency - 06 May 2018

मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को जीत दिलाने की जिम्मेदारी अब नये प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ पर आ गयी है। भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बदलने के बाद कांग्रेस ने भी महत्वपूर्ण बदलाव किया है। प्रदेश अध्यक्ष पद पर कमलनाथ की नियुक्ति से अरूण सिंह खेमा नाराज है लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह उनके पक्ष में हैं। श्री दिग्विजय सिंह कमलनाथ को मुख्यमंत्री प्रत्याशी के रूप में चाहते थे लेकिन कांग्रेस ने अभी मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित नहीं किया है युवा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को हालांकि मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित नहीं किया है लेकिन जनता तक यही संदेश दिया गया कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी तो ज्योतिरादित्य ही मुख्यमंत्री बनेंगे। श्री कमलनाथ अनुभवी नेता हैं और जानते हैं कि राज्य में मतभेदों को खत्म करके विधानसभा चुनाव लड़कर सरकार बनाने की संभावना हो सकती है। कांग्रेस को असफलता मिलने पर उन्हीं को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। इसलिए उन्होंने पार्टी के अंदर सभी को संतुष्ट करने का प्रयास शुरू किया और कार्यकर्ताओं में जोश भी भर रहे हैं। उन्होंने प्रदेश में इसबार 150 सीटों पर जीत का लक्ष्य रखा है। श्री कमलनाथ ने कार्यकर्ताओं को उत्साहित करते हुए कहाकि भाजपा की स्थिति बहुत खराब है। पिछले महीनों में विधानसभा के उपचुनावों में हमारे कार्यकर्ता यह देख भी चुके हैं। मतदाताओं ने भाजपा को नकार दिया है। इसलिए भाजपा चाहे कुछ भी कर ले, मतदाता उसके बहकावे में नहीं आएगा।
कमलनाथ कहते हैं कि भाजपा ने गुजरात विधानसभा चुनाव में भी बड़ी-बड़ी बातें की थीं लेकिन वहां उसे 100 सीटें भी नहीं मिल पायीं जबकि दावा 150 सीटों का किया जा रहा था। गुजरात तो भाजपा का गढ़ कहा जाता था। अमितशाह का गृहप्रदेश है, फिर भी ऐसी हालत हुई। उन्होंने कहा कि ऐसी ही स्थिति मध्य प्रदेश में होने वाली है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान को यह बात समझ में आ गयी है, इसीलिए कहते हैं कि मुख्यमंत्री की कुर्सी को मैं खाली कर रहा हूं, कोई भी इस पर बैठे। कमलनाथ कहते हैं कि कुछ वर्षो से चुनाव स्थानीय हो गये हैं। पहले हम कह सकते थे कि फलांगांव में कांग्रेस के समर्थक ज्यादा हंै लेकिन अब एक घर के बारे में भी नहीं कह सकते कि कौन किसे वोट देगा। इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में कांग्रेस को और ज्यादा मजबूत करने की जरूरत है उन्होंने यह भी बताया कि भाजपा के कई नेता उनके सम्पर्क में हैं लेकिन उनके बारे में खूब सोचा-परखा जा रहा है। चुनाव में टिकट देने में भी प्रदेश और केन्द्रीय नेतृत्व को मिलकर फैसला करना होगा।
मध्य प्रदेश के नवनिर्वाचित कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने मतदाता सूची में गड़बड़ी का मामला भी उठाया और कहा कि हमारे नेता और विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी सलिना सिंह को इस बारे में लिखित रूप से अवगत कराया है और उनसे मतदाता सूची में गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराने को भी कहा है। कांग्रेस ने मतदाता सूची में हेरफेर करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करने की मांग की है। श्री कमलनाथ कहते हैं कि भाजपा सरकार से अब यहां की जनता का मोहभंग हो चुका है और कांग्रेस की पूर्ण बहुमत से सरकार बनेगी। कमलनाथ राज्य विधान सभा की सभी सीटों पर रणनीति बना रहे हैं और कहते हैं कि कांग्रेस जिन सीटों पर हारी थी, उनपर विशेष ध्यान दिया जाएगा। 
 


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