कार्पोरेट की बड़ी डील में रोड़ा
| Agency - 11 May 2018

दुनिया की मानी-जानी कार्पोरेट कम्पनी वॉलमार्ट- फ्लिपकार्ट डील में रोड़ा अटक गया है। वॉलमार्ट के साथ होने वाली ई-कॉमर्स सेक्टर की सबसे बड़ी डील अटक सकती है. हो सकता है कि फ्लिपकार्ट बिके ही नहीं। कुछ भी मुमकिन है क्योंकि, फ्लिपकार्ट के सबसे बड़े निवेशक सॉफ्टबैंक ने अपनी हिस्सेदारी बेचने से इनकार कर दिया है। सॉफ्टबैंक के मासायोशी सन लगातार अपने फैसले बदल रहे हैं। सॉफ्टबैंक फिलहाल यह हिसाब लगाने में व्यस्त है कि फ्लिपकार्ट में निवेश करने के एक साल के भीतर उसके कितने पैसे बनेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सॉफ्टबैंक को चिंता है कि अगर उसने फ्लिपकार्ट में अपनी 22 फीसदी हिस्सेदारी वालमार्ट को बेच दी तो उसे काफी टैक्स चुकाना पड़ सकता हैं साथ ही यह भी कि उसकी एक साल में कितनी टैक्स की देनदारी बनती है। भारत में कोई शेयर खरीदने के 24 महीने के अंदर बेचने पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस टैक्स लागू होता है। सन को यह भी लग रहा है कि आगे चलकर फ्लिपकार्ट के वैल्यूएशन में तेज उछाल आ सकती है। आपको बता दें, 9 मई को हुई डील में फ्लिपकार्ट की 21 अरब डॉलर की वैल्यू लगाई गई थी।
अमेरिका की रिटेल कंपनी वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्ट में 77 फीसद हिस्सेदारी 16 अरब डॉलर में खरीदने का ऐलान किया था. इस डील में सॉफ्टबैंक का हिस्सा भी शामिल है. लेकिन, सॉफ्टबैंक अभी भी अपने विकल्प तलाश रहा है। सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल सॉफ्टबैंक ने फ्लिपकार्ट में हिस्सेदारी नहीं बेची है। हालांकि, वह इस पर अगले 10 दिनों में फैसला कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक, सॉफ्टबैंक के मासायोनी सन भारत पर बड़ा दांव लगा रहे हैं और उनके हिसाब से फ्लिपकार्ट की वैल्यू में और बढ़ोतरी होगी। जापान में कंपनी के नतीजे घोषित करते हुए मासायोशी सन ने डील की बात अचानक लीक कर दी। हालांकि, उस वक्त तक वॉलमार्ट और फ्लिपकार्ट की तरफ से इसकी घोषणा नहीं की गई थी। सॉफ्टबैंक विजन फंड ने अगस्त 2017 में फ्लिपकार्ट में लगभग ढाई अरब डॉलर का निवेश किया था। अब अगर कंपनी इस इन्वेस्टमेंट से निकलने का फैसला करती है तो उसे 4 अरब डॉलर की रकम मिल सकती है।
पता चला है कि सॉफ्टबैंक फ्लिपकार्ट में कंट्रोलिंग स्टेक खरीदने का सपोर्ट कर रहा है। सूत्रों की मानें तो डील बहुत जल्दी में हुई है। सौदे को पूरा करने और नई कंपनी में सॉफ्टबैंक के रोल को लेकर वॉलमार्ट के साथ बातचीत चल रही है। सॉफ्टबैंक के एग्जिक्युटिव्स वॉलमार्ट के सीईओ डॉग मैकमिलन से संपर्क में हैं।
सूत्रों के मुताबिक, डील को लेकर हाल में खत्म हुई बातचीत में सॉफ्टबैंक ने फ्लिपकार्ट के बोर्ड पर अमेजॉन इंडिया के साथ विलय पर विचार करने के लिए भी जोर डाला था। सॉफ्टबैंक अमेजॉन का ऑफर मंजूर करने के हक में था, क्योंकि वह खुद कंबाइंड एंटिटी में अतिरिक्त पूंजी लगाना चाहता था और मौजूदा निवेशकों से अतिरिक्त शेयर खरीदने के बारे में भी सोच रहा था।
 


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