गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने किया विजेता पर्वतारोहियों को सम्मानित
| Agency - 06 Jun 2018

सीमा सुरक्षा बल के लिए यादगार दिन रहा। अष्वनी मेस, निजामुद्दीन, दिल्ली में आयोजित हुए सम्मान समारोह में रिकार्ड सात बार मांउट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक चढने वाले व दल के अन्य सदस्यों को गृहमंत्री राजनाथ सिंह जी ने सम्मानित किया। दलने 20 मार्च को अपनी यात्रा आरंभ करते हुए 1 जून को सकुषल वापसी की। सीमा सुरक्षा बल का पर्वतारोही दल दूसरी बार एवरेस्ट के अंतिम छोर को स्पर्ष कर वापस भारत लौटा है, जिसका नेतृत्व सीमा सुरक्षा बल के अधिकारी व पद्मश्री सम्मान से सम्मानित लवराज सिंह धर्मषक्तु सहायक कमांडेंट ने किया, जो रिकार्ड सातवीं बार एवरेस्ट पर विजय पताका फहराने वाले पहले भारतीय हैं। 
इस बार हिमालय की यह यात्रा कई मायने में अलग रही। स्वच्छता अभियान के तहत साफ हिमालय, सुरक्षित हिमालय के आदर्ष वाक्य के साथ बल के सभी 15 सदस्यों ने एवरेस्ट की ऊंचाईयों को न केवल फतह किया बल्कि अन्य पर्वतारोही दलों द्वारा हिमालय मे छोड़े गए तकरीबन 700 किलो वजनी कूड़ा भी अपने साथ वापस लाए, ताकि पर्वतों कि साफ सफाई का ध्यान रखा जा सके। 
दल ने कुल दो चरणों में इस दुर्गम यात्रा को पूर्ण किया। 15 सदस्यों के दल को दो भागों में बांटकर जिसमे पहले दल में 8 सदस्य व दूसरे दल में 07 सदस्य ने क्रमवार क्रमष 20 व 21 मई को विष्व की सबसे ऊंची चोटी पर अपना परचम लहराया। पहले दल की कमान सहायक कमांडेंट श्री लवराज सिंह जी के हाथों में थी। जिन्होने अपने अनुभव व हौंसले के दम पर इस बेहद कठिन लक्ष्य को हांसिल किया। साथ ही इन्होने अपने दल के सभी सदस्यों से पर्वतों के व्यवहार की बेहद अहम जानकारीसाझा की। यात्रा से लौटे श्री सिंह जी ने अपने लंबे अनुभव को साझा करते हुए बताया कि अन्य यात्राओं की ही तरह यह यात्रा भी कठिनाइयों से भरी हुई थी। समय समय पर आने वाले बर्फीले तूफान निष्चित ही सदस्यों के हौंसलों को डगमगातें थे लेंकिन यही वो समय होता है, जब हमे खुद पर भरोसा रखते हुए परिणामों की परवाह किए बगैर आगे बढ़ना होता है।
दूसरे दल की कमान उप समादेश्टा श्री अविनाष नेगी के हाथों में रही। इन्होने बताया कि अगले ही पल होने वाले मौसमी बदलाव को समय रहते जानना व सुरक्षा संबंधी जरूरी एहतियात बरतना, निष्चित ही बेहद कठिन होता है। यहां पर आपका एक गलत निर्णय आपको व दल के अन्य सदस्यों को मुष्किल में डाल सकता है। ऐसे में अभियान से संबंधित जरूरी हिदायतों को सही से जानना व उनका यात्रा के दौरान अमल में लाना भी बेहद अहम हो जाता है।
इस अभियान के मुख्य प्रणेता महानिरीक्षक सीमा सुरक्षा बल श्री दिनेष उपाध्याय रहे, जिनके कुषल प्रबंधन व मार्गदर्षन में यह कार्य सफलतापूर्वक पूरा हो सका।
देष की अग्रिम पंक्ति में तैनात सीमा सुरक्षा बल जो देष की सीमाओं की रक्षा में हर पल मुस्तैद खड़ा रहता है, सीमाओं के अलावा अन्य साहसिक कार्यों में भी कीर्तिमान स्थापित करता रहता हैं। ऐसे ही साहसिक अभियानों में पर्वतारोहण भी एक है। आज हिमालय की सर्वोच्च चोटी पर भी कार्मिकों के पैरों के निषान आसानी से ढूंढे जा सकते हैं। जिन्होने कितनी ही बार एवरेस्ट, कंचनजंघा जैसी दुर्गम पहाड़ियों को फतह कर देष व बल का मान बढाया है। 
इस अवसर पर मुख्य अतिथि राजनाथ सिंह व अन्य सम्मानित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए महानिदेषक, सीमा सुरक्षा बल श्री केके षर्मा ने कहा किबल द्वाराइस साहसिक कार्य की षुरूआत साल 1976 में हुई, जिसमें सर्वप्रथम सीसुबल के कार्मिकों ने सफलतापूर्वक भाग लिया।वर्श 2006में बल में कार्यरत उप महानिरीक्षक एस.सी.नेगी ने 56 वर्श की उम्र में माउंट एवरेस्ट के सर्वोच्च बिंदु को स्पर्ष किया था, जोकि आज भी भारत में किसी भी बल के अधिकारियों के लिए एक मिसाल हैं। वर्तमान अभियान दल के मुख्य कमान अधिकारी श्री लवराज सिंह धर्मषक्तु भी,वर्श 2006 में,श्री नेगी के साथ गए अभियानदल के सदस्य रहे थे। 20 मार्च 2018 को ‘‘स्वच्छ हिमालय स्वच्छ ग्लेषियर’’ के आदर्ष लक्ष्य के साथ सीमा सुरक्षा बल के 25  सदस्यों के दल को खेल राज्यमंत्री श्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने ध्वजांकित व षुभकामना संदेष देकर रवाना किया था। इस मौके पर श्री षर्मा ने अभियान दल के कमान अधिकारी व रिकार्ड सात बार एवरेस्ट को छूने वालेपदम्श्री लवराज सिंह धर्मषक्तु व डिप्टी कमान अधिकारी श्री अविनाष नेगी के साथ दल के सभी सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि निष्चित ही यह अभियान विष्व को दल के माध्यम से पर्यावरण के प्रति संदेष देने का एक उत्कृश्ट उदाहरण है साथ ही यह देष की स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्षाता है।
इस  अवसर पर  बोलते हुए माननीय गृहमंत्री जी ने सीमा सुरक्षा बल की दोहरी उपलब्धि की सराहना की, पहलेबल के सभी 15 सदस्यों ने एवरेस्ट की ऊंचाईयों को फतह कियाऔर दूसरा स्वच्छता अभियान के तहत साफ हिमालय, सुरक्षित हिमालय के आदर्ष वाक्य के साथ अन्य पर्वतारोही दलों द्वारा हिमालय मे छोड़े गए तकरीबन 700 किलो वजनी कूड़ा भी अपने साथ वापस लाए।श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हिमालय को स्वच्छ रखने का सीमा सुरक्षा बल का यह प्रयास निष्चित रूप से हमारे संदेष को दुनिया भर में फैलायेगा और कहा कि सीमा सुरक्षा बल किसी भी कार्य का संभव बनाने के लिए जाना जाता है, भले ही यह सीमा की सुरक्षा हो या दुनिया कि उच्चतम चोटी को फतह करना हो।


Browse By Tags


Related News Articles