कप्तानी छोड़ने के बाद ज्यादा भड़के हैं धोनी
| Manoj Chaudhary - 22 Feb 2018

महेन्द्र सिंह धोनी को विश्व क्रिकेट के सबसे शांत और चतूर खिलाड़ियों में से एक माना जाता है. मुकाबला चाहे जितना भी कठिन हो धोनी शांत होकर उसका हल ढूंढने की कोशिश करते हैं. फिर चाहे वो बल्लेबाजी हो या विकेट के पीछे धोनी हर जगह दिमाग से काम लेते हैं और परिणाम अपनी ओर मोड़ लेते हैं. लेकिन कभी-कभी ऐसा भी होता है जब सबकुछ धोनी के कंट्रोल में नहीं होता, जैसे जैसे मैदान पर रणनीति धोनी के कैद से बाहर होते जाती है धोनी का पारा चढ़ता जाता है और अंत में धोनी अपना आपा खो बैठते हैं. कप्तानी के दौरान धोनी को अंपायर या फिर मैच के बाद रिपोर्टरों से उलझते काफी बार देखा गया था. कभी कभार उन्होंने अपने खिलाड़ियों पर भी गुस्सा निकाला लेकिन कप्तानी छोड़ने के बाद से उनका गुस्सा अपने ही खिलाड़ियों पर ज्यादा निकलने लगा. 2017 के बाद से उन्होंने मैदान पर कई बार अपना आपा खोया तो अब 2018 में मनीष पांडे उनके शिकार हुए. इसके बाद अकसर शांत रहने वाले कैप्टन कूल अपना आपा खो बैठै और मनीष पांडे को गाली दे डाली.
धोनी के निशाने पर सबसे पहले आए थे युजवेन्द्र चहल, वो भी उस मुकाबले में जब उन्होंने टी 20 क्रिकेट में 6 विकेट लेकर रिकॉर्ड बनाया था. मैच के दौरान चहल की गेंद पर इंग्लैंड के बैट्समैन रूट और जेसन रॉय रन लेना चाहते थे लेकिन दोनों के बीच गलतफहमी हो गई. दोनों बल्लेबाज एक ही छोर पर पहुंच गए. थ्रो भी चहल के हाथों में आ गई लेकिन चहल ने गेंद धोनी की ओर फेंक दी जहां बल्लेबाज सुरक्षित था. रॉय बाल बाल बच गए और मैच मे 23 गेंद रप 32 रनों की पारी खेली. लेकिन चहल के कीपर छोर पर गेंद फेंकने से धोनी झल्ला गए और बुरी तरह से चहल पर चिल्ला पड़े थे.


Browse By Tags