चौहान का संत समागम
| Agency - 14 Jun 2018

मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान संत समागम को भी सियासत का महत्वपूर्ण अंग बनाना चाहते हैं क्योंकि संतों का जनसामान्य में काफी प्रभाव है। इसी के चलते चार संतों को राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया था। उनमें से एक संत भैय्यू जी महाराज ने गत दिनों खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। उनकी मौत को भी लोग संदिग्ध बता रहे हैं। भैय्यू जी महाराज गृहस्थ जीवन जीते हुए जनता में अच्छा प्रभाव भी रखते थे लेकिन उनकी मौत के बाद संत समागम की भरपाई करने के लिए चौहान ने स्वामी अखिलेश्वरानंद का कद आगे बढ़ा दिया है। स्वामी अखिलेश्वरा नंद को मध्य प्रदेश की सरकार ने कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया है। इससे पूर्व भी स्वामी अखिलेश्वरा नंद के महत्व को बढ़ाने का प्रयास मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने किया था। उन्होंने स्वामी अखिलेश्वरानंद को राज्यमंत्री का दर्जा देकर ढेर सारी सुविधाएं प्रदान की थीं। इस कार्य के चलते चौहान ने गोवंश के प्रति सरकार का प्रेम भी प्रकट करने का प्रयास किया है स्वामी अखिलेश्वरानंद मध्य प्रदेश गोपालन एवं पशुधन संवर्द्धन बार्ड की कार्यकारिणी काउंसिल के चेयरमैन भी हैं। गोवंश की सेवा के लिए वे चर्चित रहे हैं। स्वामी अखिलेश्वरानंद ने ही कभी कहा था कि तीसरा विश्वयुद्ध गाय को लेकर ही होगा क्योंकि 1857 की स्वाधीनता क्रांति भी गाय के चमड़े के विरोध में शुरू हुई थी। उन्होनंे गोहत्या का कड़े शब्दों में विरोध किया था और कहा कि मृत गाय को देखकर गुस्सा आना स्वाभाविक होता है। हालांकि उन्होंने गौरक्षकों को संयम बरतने का भी निर्देश दिया और कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए। वे निरंजनी अखाडे़ के मंडलेश्वर भी हैं और एक विशेष वर्ग में लोकप्रिय हैं।
 


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