नवीन ने भी मांगा विशेष राज्य का दर्जा
| Agency - 22 Jun 2018

ओडिशा (उड़ीसा) में विधान सभा चुनाव सिर पर आ गये हैं तो मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को भी सेफ कार्ड खेलने का मन हो गया है। आजकल सबसे सेफ कार्ड है राज्य को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की मांग करना। इस पर सत्ता पक्ष तो तैयार रहता ही है, विपक्षी भी इसका विरोध नहीं कर सकते। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तो यूपीए सरकार के समय से ही राज्य को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं। अब वे केन्द्र में सरकार बनाने वाले  राजग में भी शामिल हैं लेकिन बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिला। आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चन्द्र बाबू नायडू की पार्टी टीडीपी भी राजग का हिस्सा हुआ करती थी लेकिन आंध्रप्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर ही उन्होंने राजग को छोड़ दिया है। अब ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक भी अपने राज्य को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं।
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक गत 17 जून को नई दिल्ली में हुई नीति आयोग की बैठक में इसीलिए शामिल नहीं हुए। हालांकि उनके बैठक में शामिल न होने का कारण दूसरा बताया गया था। बाद में यह खुलासा तब हुआ जब श्री नवीन पटनायक ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक पत्र लिखा और उसमें ओडिशा को विशेष राज्य का दर्जा सहित राज्य की विभिन्न मांगों को भी रखा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई नीति आयोग की बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चन्द्र बाबू नायडू ने अपने - अपने राज्यों को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग रखी थी। दोनों मुख्यमंत्री यही मांग पहले भी कर चुके है। अब ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने अपने राज्य की विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की है। उनकी इस मांग के पीछे 2019 के आम चुनाव और ओडिशा के विधान सभा चुनाव से पहले बीजू जनतादल की सियासी रणनीति बतायी जा रही है। राजग ने अपने गठबंधन को मजबूत करने के लिए कुछ और घटकों को जोड़ने की रणनीति बनायी है। नवीन पटनायक ने विपक्षी दलों के कथित गठजोड़ से अब तक परहेज किया है। बेंगलुरू में विपक्षी एकता का मंचन हुआ था। श्री पटनायक ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या के अधिक प्रतिशत और राज्य के बार-बार प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने के मद्देनजर ओडिशा को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाना चाहिए ताकि विकास की रफ्तार तेज की जा सके। श्री नवीन पटनायक कहते है कि ओडिशा के साथ केन्द्र की ओर से प्रायोजित योजनाओं में पूर्वोत्तर और हिमालय पर बसे राज्यों जैसा व्यवहार होना चाहिए। वित्तमंत्री अरूण जेटली शुरू से कह रहे हैं कि एक भी राज्य को विशेष राज्य का दर्जा दिया तो सभी इस तरह की मांग करने लगेंगे। नीतीश कुमार को भी यही समझाया गया है। ओडिशा से यह मांग उठने के बाद अब श्री जेटली का अनुमान सच साबित हो रहा है।


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