कारोबार में बादशाहत की जंग
| Agency - 16 Jul 2018

मुकेश अम्बानी और रतन टाटा में बादशाहत की जंग है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी एशिया के सबसे रईस शख्स बन गए हैं. वहीं, उनकी कंपनी भी लगातार अच्छा परफॉर्म कर रही है. जियो के दम पर रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 7 लाख करोड़ की मार्केट कैप को पार कर लिया है. साथ ही रिलायंस इंडस्ट्रीज ने मुकेश अंबानी को चार साल के लिए चेयरमैन नियुक्त किया है। उनका वेतन भी बढ़ाया गया है। अब उनके साथ एक चुनौती है. ये चुनौती है फिर से नंबर वन बनने की. लेकिन, उन्हें चुनौती से पार पाने के लिए सामना करना होगा टाटा का. यह एक ऐसा नाम है जो लोगों के जहन में बसा है। पिछले 5 साल से यह जंग जारी है। बाजार में मुकेश अंबानी और टाटा के बीच एक अनोखी जंग चल रही है. दरअसल, यह जंग है बाजार की बादशाहत की. मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के बीच नंबर वन बनने की जंग जारी है. पिछले पांच साल में दो बार ये कंपनियां एक दूसरे को आगे-पीछे करती रही हैं. शेयर बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यही लगता है कि मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज की जंग आगे भी जारी रहेगी. मौजूदा समय में टाटा की टीसीएस नंबर एक पर है तो मुकेश अंबानी की आरआईएल दूसरे नंबर पर है. अब आरआईएल इस रेस में फिर तेजी से आगे बढ रही है. टीसीएस टाटा ग्रुप की कंपनी है और रतन टाटा, टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन हैं. टाटा ट्रस्ट की टाटा संस में 66 फीसदी हिस्सेदारी है.
बादशाहत की इस जंग में दो दिग्गज शामिल हैं. पहले मुकेश अंबानी और दूसरे रतन टाटा. क्योंकि, इन दोनों की कंपनियां ही एक दूसरे को टक्कर दे रही हैं. मौजूदा समय में टीसीएस और रिलायंस इंडस्ट्रीज की मार्केट कैप 7 लाख करोड के पार पहुंच चुकी है. टीसीएस की मार्केट कैप 7.61 लाख करोड रुपए है तो आरआईएल का मार्केट कैप भी 7 लाख करोड के पार पहुंच चुका है। दोनों के बीच महज 60 हजार करोड रुपए का फासला है. अगर रिलायंस इंडस्ट्रीज में यह तेजी जारी रहती है तो अगले कुछ दिनों में वह टीसीएस को पीछे छोड़ सकती है. वहीं, टीसीएस भी अच्छे तिमाही नतीजों के दम पर आगे बढ़ रही है. कंपनी का आउटलुक बेहतर है. यही वजह है कि बादशाहत की यह जंग कौन जीतेगा कहना मुश्किल है।
टीसीएस और रिलायंस इंडस्ट्रीज के बीच जंग 2013 से जारी है. दरअसल, साल 2013 से 21 अप्रैल 2017 तक मार्केट कैप के लिहाज से टीसीएस बाजार की दिग्गज कंपनी बनी रही. उस वक्त तक कोई दूसरी कंपनी इसके आसपास नहीं थी. लेकिन, 4 साल की यह बादशाहत रिलायंस ने तोड़ी. 21 अप्रैल 2017 में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने टीसीएस को मार्केट कैप में पीछे छोड़ा. उस वक्त आरआईएल की मार्केट कैप 4.60 लाख करोड़ थी. 29 जनवरी 2018 के बाद टीसीएस ने बाजार की बादशाहत फिर हासिल की और आरआईएल को पीछे छोड दिया. उस वक्त तक आरआईएल की मार्केट कैप 6.10 लाख करोड रुपए थी. वहीं, टीसीएस 6.11 लाख करोड रुपए की मार्केट कैप के साथ आरआईएल से आगे निकल गई।
रिलायंस इंडस्ट्रीज 7 लाख करोड़ के क्लब में शामिल होने वाली टीसीएस के बाद दूसरी कंपनी है. अब दोनों के बीच बाजार के लिहाज 60 हजार करोड़ का मामूली अंतर है. इसे देखते हुए कहा जा सकता है कि अगले कुछ दिनों में दोनों के बीच कांटे की टक्कर रहेगी. क्योंकि, दोनों ही कंपनियां लगातार अच्छा परफॉर्म कर रही हैं. रिलायंस इंडस्ट्रीज की आगे की प्लानिंग काफी सकारात्मक है. वहीं, टीसीएस भी अच्छी ग्रोथ के साथ कारोबार कर रही है। दोनों कंपनियों ने इस साल में निवेशकों को खूब मालामाल किया है. एक तरह जहां टीसीएस ने इस साल निवेशकों को 49 फीसदी का रिटर्न दिया है. वहीं, आरआईएल ने भी 21.5 फीसद रिटर्न दिया है. 1 जनवरी 2018 को टीसीएस के एक शेयर की कीमत 1327 रुपए थी, जो 13 जुलाई को 1998 रुपए तक पहुंच चुकी है। उधर, 1 जनवरी 2018 को आरआईएल के एक शेयर की कीमत 911 रुपए थी, जो 13 जुलाई को 1107 रुपए तक पहुंच चुकी है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की नेक्स्ट लेवल प्लानिंग और हाइड्रो-कार्बन बिजनेस में ग्रोथ के आउटलुक को देखते हुए ब्रोकरेज हाउसेज आरआईएल के शेयर चाहते हैं। कई ब्रोकरेज हाउस ने शेयर का लक्ष्य 1300 से ज्यादा का दिया है. वहीं, टीसीएस को लेकर भी ब्रोकरेज हाउसेज की खरीदारी की सलाह है. क्योंकि, कंपनी ने मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। यही वजह है कि कंपनियों की मार्केट कैप में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा।
 


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