मेघालय में मणिपुर-गोवा जैसी गलती नहीं दोहराएगी-कांग्रेस
| Manoj Chaudhary - 03 Mar 2018

हार का सामना कर रही कांग्रेस के लिए पूर्वोत्तर के राज्यों से भी बुरी खबर रही है. मेघालय में कांग्रेस की सरकार अब मुश्किल में है और चुनावी रुझान में राज्य में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं रहा है. कांग्रेस यहां सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर रही है. गोवा और मणिपुर जैसा हाल मेघालय में न हो, इसके लिए कांग्रेस का हाईकमान एक्टिव हो गया है. आला नेताओं ने मेघालय जाकर सरकार गठन की कोशिश शुरू कर दी है. नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) से कड़ी टक्कर मिल रही है. एनपीपी ने बीजेपी से अलग चुनाव लड़ा था लेकिन बहुमत से पिछड़ने पर वो बीजेपी से गठबंधन कर कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर सकती है. नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस (एनईडीए) में एनपीपी बीजेपी की सहयोगी है और बीजेपी नेता भी उससे गठबंधन को तैयार दिख रहे हैं.
बीजेपी से पहले ही कांग्रेस नेतृत्व ने वरिष्ठ नेता कमलनाथ और अहमद पटेल को शिलांग भेज दिया है. शिलांग पहुंचते ही अहमद पटेल ने कहा कि हम यहां सरकार बनाने आए हैं. इस क्रम में मेघालय कांग्रेस के नेताओं के साथ केंद्रीय नेतृत्व शिलांग में बैठक कर रहा है जिसमें चुनाव बाद के गठबंधन पर चर्चा मुममिन है. कांग्रेस अगर कुछ निर्दलीय या छोटे दलों के विधायकों को अपने साथ लाने में सफल होती है तो वह राज्य में अपनी सत्ता बचा सकती है. रुझानों में 17-18 सीटें निर्दलीय या अन्य छोटे दलों को मिलती दिख रही हैं. 


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