दिल्ली मे अवैध निर्माणों की सीलिंग के काम में बाधा डालने वालों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
| Agency - 06 Aug 2018

नई दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि दिल्ली में अनधिकृत और अवैध निर्माण की सीलिंग करने आये सरकारी अधिकारियों के काम में बाधा डालने वालों को अदालत से सीधे तिहाड़ जेल भेज दिया जाएगा। न्यामयूर्ति मदन बी. लोकुर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की खंडपीठ ने इस चेतावनी के साथ ही नजफगढ़ जोन की वार्ड समिति के अध्यक्ष मुकेश सूर्या की बिना शर्त माफी स्वीकार कर ली। मुकेश पर अधिकारियों को धमकी देने के आरोप थे। शीर्ष अदालत में फोरम ऑफ एमसीडी इंजिनियर्स ने आरोप लगाया था कि सूर्या ने अधिकारियों को उस वक्त धमकियां दीं, जब वे न्यायालय द्वारा नियुक्त निगरानी समिति के निर्देशानुसार अवैध निर्माण सील करने गए थे। शीर्ष अदालत ने इससे पहले अनधिकृत निर्माण की सीलिंग करने वाले सरकारी अधिकारियों को धमकियां देने वालों को चेतावनी दी थी और कहा था कि इस तरह की 'दादागीरी' नहीं चलेगी। इस मामले में न्याय मित्र की भूमिका निभा रहे एक वकील ने पीठ से कहा कि फोरम ऑफ एमसीडी इंजिनियर्स का कहना है कि उन्हें ऐसे क्षेत्रों में ग्रिड अधिकारी नियुक्त किया गया है जो नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। वे चाहते हैं कि उन्हें ऐसे इलाकों के लिए जिम्मेदारी नहीं दी जाए। 


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