सुप्रीम कोर्ट के फैसले से राहत
| Agency - 24 Aug 2018

कोलकाता। बंगाल पंचायत चुनाव पर उच्चतम न्यायालय ने ममता बनर्जी को राहत दी है। फैसले का  स्वागत करते हुए तृणमूल ने इसे लोकतंत्र की जीत करार दिया। साथ ही विपक्षी दलों से सूबे की जनता से माफी मांगने को कहा। तृणमूल महासचिव व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद कहा कि यह लोगों की जीत है और इससे यह साबित हो गया कि विपक्ष झूठ फैला रहे थे। हमलोग सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं। ममता बनर्जी सरकार व राज्य चुनाव आयोग को राहत देते हुए उच्चतम न्यायालय ने माकपा और भाजपा की याचिकाओं को 24 अगस्त को खारिज कर दिया जिनमें राज्य में पंचायत की उन 20,000 से अधिक सीटों पर चुनाव रद्द करने की मांग की गई थी जिन पर तृणमूल के प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए थे। सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के ईमेल से नामांकन दाखिल करने के आदेश को रद कर दिया। कोर्ट ने कहा कि ईमेल या वॉट्सऐप से नामांकन नहीं हो सकता क्योंकि यह कानून में नहीं है। कोर्ट ने कहा कि नामांकन दाखिल नहीं करने देने के आरोप से संबंधित चुनाव याचिका 30 दिनों के अंदर दाखिल की जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने 20,159 सीटों के नतीजे घोषित करने पर लगी रोक भी हटा दी है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद राज्य चुनाव आयोग पंचायत चुनावों के नतीजे घोषित कर सकता है। 
 


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