कर्नल पुरोहित की याचिका खारिज
| Agency - 04 Sep 2018

नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने ले. कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित की उस याचिका पर विचार करने से इंकार कर दिया जिसमें 2008 के मालेगांव मामले में उनका कथित अपहरण, गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखने और यातना देने के आरोपों की न्यायालय की निगरानी वाली एसआईटी से जांच का अनुरोध किया गया था। न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की पीठ ने कहा कि पुरोहित की याचिका पर इस समय विचार करने से मालेगांव मामले में चल रहे मुकदमे की सुनवाई पर असर पड़ सकता है। पीठ ने हालांकि पुरोहित को निचली अदालत में उनकी दलीलें रखने की छूट प्रदान करते हुये कहा कि उनकी याचिका पर वह कोई राय व्यक्त नहीं कर रही है। पीठ ने कहा, ‘‘हमें इस समय इसमें क्यों हस्तक्षेप करना चाहिए। इससे सुनवाई पर असर पड़ सकता है।’’ पुरोहित की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने कहा कि इस याचिका में उठाये गये मुद्दों पर गौर करने की आवश्यकता है। परंतु पीठ ने उनसे कहा कि इन्हें निचली अदालत के समक्ष उठाया जाये। पुरोहित इस समय जमानत पर हैं। उन्हें पिछले साल शीर्ष अदालत ने जमानत प्रदान की थी। पुरोहित ने 27 अगस्त को दायर अपनी याचिका में 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में अपने कथित अपहरण, गैरकानूनी नजरबंदी और यातनायें दिये जाने के आरोपों की न्यायालय की निगरानी में विशेष जांच दल से जांच कराने का अनुरोध किया था। 
 


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