दिल्ली में सीलिंग के विरुद्ध कांग्रेस का ‘‘न्याय युद्ध’’ 
| Agency - 05 Sep 2018

नई दिल्ली, राजधानी दिल्ली में बड़े पैमाने पर हो रही गैर कानूनी सीलिंग के लिए जिम्मेदार भाजपा व आप पार्टी को कांग्रेस पार्टी ने पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन के नेतृत्व में ‘‘न्याय युद्ध’’ शुरु करके चुनौती दी है साथ ही 30 हजार से भी ज्यादा लोगों की मौजूदगी में कांग्रेस नेताओं ने यह ऐलान किया है कि ‘‘गैर कानूनी सीलिंग बंद करो - वरना गद्दी छोड दो’’, कांग्रेस के ‘‘न्याय युद्ध’’ में बड़ी तादात में गैर कानूनी सीलिंग के चलते बेरोजगार हुए मजदूरों और छोटे-छोटे उद्यमियों की मौजूदगी और उनके चेहरों पर भाजपा व आप पार्टी के खिलाफ गुस्से का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लोग भरी संख्या में स्थल पर इकट्ठे हुए और इस गैर कानूनी सीलिंग के खिलाफ बड़ी से बड़ी लडाई के लिए तैयार है। ज्ञात हो कि अजय माकन ने शहरी विकास राज्य मंत्री रहते हुए दिल्ली के मास्टर प्लान में बाकायदा घरेलू उद्योगों को रिहायशी बस्तियों में चलाने का न केवल प्रावधान किया था बल्कि उसे कानूनी रुप देकर यह स्पष्ट उल्लेख किया था कि जब भी सरकार चाहे इसके दायरे को बढ़ा सकती है। इस मौके पर पूर्व मंत्री श्री अरविन्दर सिंह लवली, डा0 ऐ0के0 वालिया, हारुन यूसूफ, डा0 नरेन्द्र नाथ व वरिष्ठ नेता एवं इस अभियान के संयोजक पूर्व विधायक मुकेश शर्मा ने वहां मौजूद लोगों को सम्बोधित किया। समस्त पूर्वी दिल्ली में भाजपा व आप पार्टी के खिलाफ गैर कानूनी सीलिंग को लेकर लोगों ने न केवल नारे लिखे हुए होर्डिंग व पोस्टर लगा रखे थे बल्कि टोलियों व जूलूसों में लोग दोनो पार्टियों के खिलाफ हाथों में बैनर लेकर जबरदस्त नारे बाजी करते हुए सभा स्थल पर पहुँच रहे थे। गांधी नगर के आसपास के सभी क्षेत्रों में ऐतिहात के तौर पर भारी पुलिस बंदोबस्त के बावजूद बेखौफ लोग कांगे्रस के न्याय युद्ध में शामिल हुए और कांग्रेस पार्टी को खुले मन से इस लड़ाई में सहयोग देने की बात कर रहे थे। अजय माकन ने भाजपा व आप पार्टी को गैर कानूनी सीलिंग के मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती देते हुए कहा कि दोनो दलों के गैर जिम्मेदाराना रवैये व गरीब विरोधी नीति के कारण आज दिल्ली के लोगों को गैर कानूनी सीलिंग जैसे दंश को झेलना पड़ रहा है। उन्होंने दोनो दलों के नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए पूछा कि कौनसे ऐसे कारण है कि जिसके चलते सर्वदलीय बैठक में निर्णय होने के बावजूद दिल्ली सरकार ने आज तक घरेलू उद्योगों की परिभाषा को क्यों नही बदला है? उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार सभी मोर्चो पर पूरी तरह नाकाम साबित हुई है और अपनी नाकामी को छिपाने के लिए आए दिन लोगों का ध्यान बटाने के लिए नए-नए शगूफे छोड़ देती है।  माकन ने यह भी कहा कि चंद लोगों को फायदा पहुँचाने के लिए आप पार्टी घरेलू उद्योगों को उजाड़ने पर उतारु है। उन्होंने यह भी कहा कि नोटबंदी देश का सबसे बड़ा घोटाला है वही श्री केजरीवाल की मिलीभगत से गैर कानूनी सीलिंग भी दिल्ली के लिए बड़ा घोटाला साबित हो रहा है। ‘‘न्याय युद्ध’’ में अरविन्दर सिंह लवली द्वारा रखे गए तीनों प्रस्तावों को वहां मौजूद 30 हजार से भी ज्यादा लोगों ने हाथ उठाकर सर्वसम्मति से पारित किया। पारित प्रस्तावों में कानूनी कवच के बावजूद भी घरेलू उद्योगों को गैर कानूनी तरीके से सील करने के लिए जिम्मेदार केन्द्र व दिल्ली सरकार की कड़े शब्दों में निंदा की गई और दोनो सरकारों से मांग की कि मास्टर प्लान में घरेलू उद्योगों को दिए गए कानूनी कवच के आधार पर घरेलू उद्योग संबधी परिभाषा को नए सिरे से परिभाषित करके 5 किलोवाट बिजली के कनेक्शन को 11 किलोवाट किया जाए और 5 कर्मचारियों के स्थान पर 11 कर्मचारियों की व्यवस्था करने का आदेश तुरंत प्रभाव से लागू करके गांधी नगर सहित पूरी दिल्ली के घरेलू उद्योगों को गैर कानूनी सीलिंग से राहत दी जाए।  प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि यह मुद्दा लोगों की रोजी रोटी से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसमें किसी किस्म की कौताही को कांग्रेस बर्दाश्त नही करेगी। प्रस्ताव में दोनो सरकारों को चेतावनी दी गई है कि वो समय रहते गैर कानूनी सीलिंग से लोगों को राहत दिलवाए। प्रस्ताव में तत्कालीन यूपीए सरकार के शहरी विकास राज्यमंत्री अजय माकन का मास्टर प्लान में घरेलू उद्योगों को कानूनी रुप देने के लिए आभार व्यक्त किया गया। प्रस्ताव के जरिए वहां मौजूद हजारों लोगों ने भाजपा व आप पार्टी को ललकारते हुए नारा दिया है कि ‘‘गैर कानूनी सीलिंग बंद करो - वरना गद्दी छोड दो’’।  लवली ने कहा कि लोग भाजपा व आप पार्टी को न केवल कोस रहे है बल्कि समय आने पर इन दोनो दलों को सबक सिखाऐंगे। अरविन्दर सिंह लवली ने आरोप लगाया कि दिल्ली नगर निगम में भाजपा नेता कन्वर्जन शुल्क के नाम पर अवैध रुप से धन वसूली कर रहे है और लोगों को डराया धमकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निगम के इस दमनकारी रवैये के खिलाफ लोगों में गुस्सा है। डा0 ऐ0केवालिया व हारुन यूसूफ ने लोगों ने सम्बोधित करते हुए कहा कि राजधानी में कांग्रेस सरकार ने 70 प्रतिशत से अधिक औद्योगिक इकाईयों वाले क्षेत्रों को राहत प्रदान करते हुए उन्हें औद्योगिक क्षेत्र घोषित किया था। उन्होंने यह भी कहा कि मास्टर प्लान में बाकायदा इस बात का प्रावधान है कि जिन क्षेत्रों में ऐसी इकाईयां है उन्होंने आज भी बेहिचक औद्योगिक क्षेत्र घोषित किया जा सकता है लेकिन जानबूझ कर ऐसा नही किया जा रहा है। दोनो पूर्व मंत्रियों ने कहा कि राजधानी में चल रही गैर कानूनी सीलिंग के चलते न केवल बेरोजगारी बढ़ रही है बल्कि दिल्ली की अर्थव्यवस्था भी चरमरा गई है। लोगों के सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। उन्होंने केजरीवाल को मजदूर विरोधी करार देते कहा कि दिल्ली के लोग उनका असली चेहरा पहचान चुके है।


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