आधार पर SC का ऐतिहासिक फैसला
| Agency - 26 Sep 2018

देश में 122 करोड़ लोगों के पास आधार संख्या है। अनुमान है कि सरकारी योजनाओं के लिए वास्तविक लाभार्थियों की पहचान तथा गलत या फर्जी लोगों को हटाए जाने से हमने सालाना करीब 90,000 करोड़ रुपये की बचत की है। इसके अलावा राजस्व संग्रह भी बढ़ा है। इसी के चलते सरकार ने पुरानी योजनाओं में राशि बढाई है और नई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं। कांग्रेस के आधार का विरोध करने पर हैरानी जताते हुए उन्होंने कहा, इस अवधारणा की शुरुआत उसने ही की थी लेकिन उसे यह नहीं पता था कि इसका क्या इस्तेमाल और कैसे करें। उस समय आधार को कानूनी वैधता भी नहीं मिली थी। मोदी सरकार ने इसका प्रारूप दोबारा बनाया और इसके मूल सिद्धांतों में परिवर्तन किया जिसमें यह स्पष्ट किया कि क्या करना है और क्या नहीं। वित्त मंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेताओं की राजनीतिक आशंकाओं का सरकार के पास समाधान नहीं है। कांग्रेस के दायें हाथ को यह नहीं पता रहता कि उसका बायां हाथ क्या कर रहा है और उसके नेता केवल हेडलाइन पढ़कर ही संवाददाता सम्मेलन में चले जाते हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने ‘आधार’ को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बयान पर चुटकी ली। उन्होंने कहा, हां, कांग्रेस आज उसी तरह से जीत गई, जैसे कि उसने 2014 का लोकसभा चुनाव जीता था। उन्होंने कहा, यूपीए सरकार के दौरान ‘आधार’ निराधार था। अमित शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने आधार को परास्त करने के लिये हर हथकंडा अपनाया क्योंकि वह बिचौलियों और भ्रष्टाचार की अगुवा है। भाजपा अध्यक्ष ने अपने ट्वीट में कहा, कांग्रेस ने निजता के उल्लंघन का भय दिखाने समेत विभिन्न आधारों पर लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया। आज उनके रुख का पर्दाफाश हो गया और वे पराजित हो गए हैं। शाह ने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान 'आधार पूरी तरह से निराधार था और उसका कोई मतलब नहीं था। यूपीए सरकार के शासन के दौरान बिना कानून लोगों का पंजीकरण किया गया। समीक्षा में करोड़ों रुपये खर्च किए गए। मोदी सरकार ने इसे मजबूती कानूनी समर्थन दिया और सेवा निष्पादन से जोड़ने का काम किया।


Browse By Tags