सायरस मिस्त्री की बर्खास्तगी अनुचित
| Agency - 01 Nov 2018

टाटा संस और टीसीएस के चेयरमैन और निदेशक पद से सायरस मिस्त्री को अचानक बर्खास्त करने की प्रक्रिया में कंपनी कानून के प्रावधानों, आरबीआई के नियमों और इससे भी अधिक महत्वपूर्ण कंपनी के अपने नियमों को तोड़ा गया। यह बात रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी), मुंबई ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत पूछे गए एक सवाल के जवाब में कही है। यह आरटीआई जवाब असिस्टेंट आरओसी, मुंबई उदय खोमाने ने एक आरटीआई अनुरोध पर दिया। यह अनुरोध शपूरजी पालोनजी समूह की इनवेस्टमेंट कंपनियों ने किया था। आरटीआई जवाब में कहा गया कि जिस प्रकार से मिस्त्री को टाटा संस के चेयरमैन पद से और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के निदेशक पद से हटाया गया, उसमें कंपनी कानून-2013 और एनबीएफसी पर रिजर्व बैंक के नियमों के संबंधित प्रावधानों और खासकर टाटा संस के आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन (एओए) के नियम 118 की अवहेलना हुई। टाटा संस टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी है और यह एक एनबीएफसी के रूप में पंजीकृत है। घटनाक्रम पर टाटा संस के एक प्रवक्ता ने कहा कि इस विषय पर हम टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं, क्योंकि यह मामला अदालत में विचाराधीन है। आरटीआई जवाब टाटा संस के चेयरमैन पद से मिस्त्री की बर्खास्तगी के बाद टाटा संस द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की समीक्षा पर आधारित है। यह रिपोर्ट आरओसी के आंतरिक दृष्टिकोण को दर्शाता है और यह बर्खास्तगी को चुनौती देने वाली मिस्त्री की याचिका को इस साल के शुरू में खारिज करते समय नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) द्वारा अपनाई गई दृष्टि के विपरीत है। सायरस मिस्त्री को 24 अक्टूबर 2016 को टाटा संस के चेयरमैन पद से अचानक बर्खास्त कर दिया गया था। रतन टाटा के सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें दिसंबर 2012 में चेयरमैन बनाया गया था। मिस्त्री के परिवार की टाटा संस में सामूहिक रूप से 18.4 फीसद हिस्सेदारी है। टीसीएस के निदेशक पद से मिस्त्री को 13 दिसंबर 2016 को हुए ईजीएम में हटाया गया था। (हिफी)
 


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