हमारी अर्थव्यवस्था ब्रिटेन से बड़ी: स्मृति
| Agency - 06 Nov 2018

राजनीति मंे प्रचुर अनुभव बटोर चुकी केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी इन दिनों मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ मंे विधानसभा चुनाव के सिलसिले मंे पार्टी उम्मीदवारों का प्रचार कर रही हैं। विपक्षी दलों की तरफ से भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर सवाल उठाये जा रहे हैं। इसका जवाब स्मृति ईरानी ने दिया है। स्मृति ईरानी ने कहा है कि आने वाले वर्षों में देश ब्रिटिश अर्थव्यवस्था से भी बड़ी ताकतवर अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। ईरानी ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में कहा कि आर्थिक विकास और आर्थिक क्रांति का सबसे बड़ा पैमाना कोई हो तो आज वैश्विक स्तर पर यह माना जाता है कि हिंदुस्तान आर्थिक रूप से और सशक्त हुआ है। आज यह भी माना जाता है कि आने वाले समय में हम लोग ब्रिटिश अर्थव्यवस्था से भी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहे हैं। यह तभी संभव हुआ है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जन कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से हम आर्थिक सशक्तीकरण और राष्ट्र नवनिर्माण की ओर बढ़ पाए हैं। मंत्री ने कहा कि यह मान्यता केवल भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं की नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम जैसे संस्थानों ने भी माना है कि केंद्र सरकार के माध्यम से जो योजनाएं लाई जा रही हैं, उनके चलते आर्थिक रूप से हिंदुस्तान सशक्त हो रहा है। ईरानी ने कहा कि वर्ष 2014 में जिन आर्थिक परिस्थितियों में कांग्रेस नीत यूपीए ने देश को छोड़ा था, उस दौरान कर्ज था। कई घोटाले थे। आज उससे उबरकर एक नए भारत की कल्पना के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता के आशीर्वाद से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता से कहा विपक्षी दल गुमराह कर रहे हैं।
भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए विभिन्न देशों से समझौते भी हो रहे हैं। भारत और मालावी के बीच तीन समझौते हुए हैं और भारत 18 जल परियोजनाओं के लिए कर्ज देगा। उप-राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने मालावी के राष्ट्रपति आर्थर पीटर मुथरिका से विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की। इस मौके पर भारत और मालावी ने प्रत्यर्पण, परमाणु ऊर्जा में सहयोग और राजनयिकों एवं अधिकारियों के लिए वीजा में छूट संबंधी तीन समझौतों पर दस्तखत किए। इसके अलावा, भारत ने मालावी में 18 जल परियोजनाओं के लिए 21 करोड़ डॉलर से अधिक (215.16 मिलियन) का कर्ज देने की घोषणा की। विदेश मंत्रालय में सचिव टी एस तिरुमूर्ति ने बताया कि दोनों नेताओं की वार्ता के दौरान भारत ने मालावी के रक्षा बलों के लिए विशेषीकृत प्रशिक्षण कार्यक्रमों की पेशकश की। उन्होंने कहा कि ग्लोबल सेंटर फॉर न्यूक्लियर एनर्जी पार्टनरशिप और मालावी के प्राकृतिक संसाधन, ऊर्जा एवं खनन मंत्रालय के बीच शांतिपूर्ण उद्देश्य के लिए परमाणु ऊर्जा में सहयोग संबंधी एक समझौते पर दस्तखत हुए। दोनों पक्षों ने प्रत्यर्पण संधि के लिए भी एक समझौते पर दस्तखत किए। इसके अलावा, राजनयिकों एवं आधिकारिक पासपोर्ट धारकों के लिए वीजा छूट संबंधी भी एक समझौता हुआ। इस बीच, नायडू ने ‘जयपुर फुट’ के एक शिविर का उद्घाटन किया और कई लाभार्थियों को भारत में बने ‘प्रोस्थेटिक लिंब’ (कृत्रिम पैर) बांटे। ‘इंडिया फॉर ह्यूमैनिटी’ कार्यक्रम के तहत इस शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महात्मा गांधी की ओर से की गई मानवता की सेवा का सम्मान करता है। 
 


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