उत्तर भारत में एक डेवलपर MF LANDMARK HOMEBUILD Pvt. Ltd के दुवारा मार्केट में एक परियोजना लाई गई
| Agency - 04 Feb 2019

एक नई सोच जो आज पहली बार उभर कर सामने आई है उत्तर भारत में एक डेवलपर MF LANDMARK HOMEBUILD Pvt. Ltd के दुवारा मार्केट में एक ऐसी ही परियोजना लाई गई है जिसके अंतर्गत  50 गज , 75 गज , 100 गज, 200 गज | जमीन की  कीमत  9500 प्रति गज है  जिसमें हर आदमी लचस्पी ले रहा है  विशेष booking Amount 15%  साथ ही कब्जा प्राप्त करें  24 आसान किस्तों पर अपने घर के सपनों को साकार करें| MF LANDMARK HOMEBUILD Pvt. Ltd .के मैनेजिंग डायरेक्टर मोहम्मद हारून ने बताया कि हमारा लक्ष्य भारतवर्ष के प्रत्येक उस परिवार को पक्का घर उपलब्ध रवाना है जो कम आय होने के कारण या इकट्ठा पैसे ना होने के कारण अपना घर नहीं ले सकते हैं वह या तो  किराए के घर में रह रहे  है या स्लम बस्तियों में रहने को मजबूर है| मकान मालिक या तो हर दूसरे महीने किराया बढ़ा देता है या झगड़े कर के किराएदार को परेशान करते हैं या अपने राएदारओं का उपयोग इस  प्रकार करते हैं जैसे कोई बंधवा मजदूर बिना पैसों के अपने यहां 24 घंटे काम पर रखा हुआ है| वहीं दूसरी ओर स्लम बस्तियों का हाल इतना खराब है कि बाहर से यदि कोई व्यक्ति वहां पहुंच जाए तो दुर्गंध के कारण वहां खड़ा भी नहीं रह सकता परंतु उन भारतवासियों के विषय में भी सोचना हमारा कर्तव्य है जो उन बस्तियों में जहां नालियों में पानी के स्थान पर खुला मल बह रहा है नलों की लाइन में खड़े रह कर पानी चला जाता है जब टैंकर आता है तो दो-तीन घंटे संघर्ष करने के बाद उन्हें बाल्टी भर पानी नसीब होता है बिजली चोरी करने के लिए 1 किलोमीटर लंबे तार डालने पड़ते हैं स्कूल में बच्चों को दाखिला नहीं मिल पाता बच्चों को खेलने के लिए कूड़ेदान नसीब होते हैं कल्पना कीजिए यदि हमें और आपको ऐसे सुंदर भारतवर्ष की स्लम बस्तियों में अपना जीवन व्यतीत करना पड़ जाए तो हमें उनके सीने के दर्द का अहसास होगा| हमारे देश में बहुत सारे डेवलपर है जो हाउसिंग के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं वह हमसे बहुत अधिक अनुभवी भी है मैं उन लोगों का ध्यान भी इस और लाना चाहता हूं कि वह भी देश की मूलभूत आवश्यकता को समझें और इस प्रकार के कुछ सस्ते प्रोजेक्ट मार्केट में लाएं जो आम व्यक्ति की पहुंच में हो और इन्वेस्टर को फायदा पहुंचाने वाली स्कीमों के साथ कुछ ऐसी स्कीम  भी निकालें जो सस्ती हो वह केवल अंतिम  उपभोक्ता के लिए हो | कहावत है कि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता इसलिए मैं अपने कारोबारी साथियों से अनुरोध कर रहा हूं कि वह हमारे इस मिशन में अपना सहयोग दें|  मैं भारत सरकार के हाउसिंग डिपार्टमेंट का ध्यान भी इस ओर दिलाना चाहता हूं कि यदि व राज्य सरकारों के हाउसिंग डिपार्टमेंट की मदद से भारत की आवास समस्याओं को सुलझाना चाहते हैं तो उनकी सोच गलत है क्योंकि यदि सरकार ₹100 की सहायता क्षेत्र के लिए उपलब्ध करवाती है तो अंतिम उपभोक्ता तक पहुंचते हुए यह मदद मात्रा 10% की रह जाती है जबकि प्राइवेट सेक्टर को यदि क्षेत्र में महज इतना सपोर्ट मिल जाए कि राज्य सरकार किसानों से जिस मूल्य में जमीन खरीद रही है उसी मूल्य में इन परियोजनाओं के लिए लैंड यूज चेंज करके हमें अलॉट कर दे हमारा दावा है कि यदि सरकारी मशीनरी इस फॉर्म में हमारी मदद करें तो हम सन 2025 तक प्रत्येक भारतवासी को पक्का घर दे पाएंगे चाहे वह कितना भी अक्षम क्यों ना हो | यह स्थान दिल्ली से 24 किलोमीटर की दूरी पर जिला गाजियाबाद डासना मसूरी NH 24 पर स्थित है हाईवे NH 24 से मात्र 200 मीटर है इस परियोजना के अंतर्गत :विशेष   education hub
 . Bhagwati Institute of College 
.Bankey Bihari Dental College 
.Vivekananda Institute 
.Sanskar,Sunder Deep College 
.Ajay Kumar Garg Engineering College 
.IMS College 
.Asia largest Eastern peripheral expressway 
.coming soon Metro 
.masoori railway station 1.5 km 
 .Columbia hospital 7km 
.holi cross hospital 1km 
.Dasna toll 4km 
.picnic point nahal jhaal 1.5km
.UPSIDC 1.5km
.hindon airpot 15km सभी प्रशासनिक कार्यालय 6km सभी आधुनिक सुविधाओं से ओत-प्रोत है यह स्थान|


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