मोबाइल ऐप्स के जरिए हो रहा निवेश
| Agency - 11 Mar 2019

देश में डिजिटल माध्यम से वित्तीय लेन-देन तेजी से बढ़ा है। बड़ी संख्या में लोगों ने इसके लिए मोबाइल का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। लेकिन अब यही मोबाइल निवेश का भी साधन बन गया है। देशभर में मोबाइल ऐप्स के माध्यम से निवेश करने वाले यूजर बढ़ रहे हैं। इंवेस्टिका, ग्रो, पेटीएम मनी, जिफी आदि ऐसे कुछ एप्स हैं जो इक्विटी या म्यूचुअल फंड में निवेश में सहायता कर रहे हैं। इंडस्ट्री के विशेषज्ञों के अनुसार देश में इस समय करीब 50 लाख लोगों ने अलग-अलग ऐप्स के माध्यम से म्यूचुअल फंड और करीब 60 लाख लोगों ने शेयर में पैसा लगा रखा है। यानी एक करोड़ से ज्यादा यूजर विभिन्न ऐप्स की मदद से निवेश कर रहे हैं। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) के सीईओ एनएस वेंकटेश कहते हैं कि अच्छी बात यह है कि इस प्लेटफॉर्म पर निवेश तेजी से होता है। यूजर्स को एडवाइजर की फीस भी नहीं चुकानी पड़ती है। हालांकि, ये जरूर है कि यूजर्स को थोड़ा फंड से जुड़े रिस्क की समझ होनी चाहिए। मशहूर ऐप इंवेस्टिका के सीईओ अमित सिंह कहते हैं कि हमारी कंपनी ने बीएसई के बीएसई स्टार म्यूचुअल फंउ से टाईअप किया है। इसलिए यह बेहद सुरक्षित है। हाल ही में बेंगलुरू की फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी फर्म बेसिस ने भी सेबी से एक इंवेस्टमेंट ऐप लॉन्च करने का लाइसेंस लिया है। बेसिस की सीईओ और संस्थापक हिना मेहता कहती हैं कि हम इस एप की शुरुआत जल्द ही करने वाले हैं। इसका फोकस महिला निवेशक होंगी। हमारा लक्ष्य इस दिसंबर तक करीब 20,000 से 40 हजार महिलाओं को जोड़ना है।
 


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