नवरात्री में अखंड ज्योत जलाते समय रखे इन पांच बातों का ध्यान
| Agency - 06 Apr 2019

छह अप्रैल से चैत्र नवरात्रि की शुरूवात हो रही है ऐसे में सभी नवरात्रि पूजन के लिए तैयारियों में जुटा है, मान्यता है जिन घरों में नवरात्र के दौरान अखंड ज्योति जलाई जाती है, उनपर मां की विशेष कृपा होती है लेकिन अगर आप देवी मां के सामने अखंड ज्योति जला रहे हैं तो इन 5 बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है |  जानिए क्या हैं ये 5 जरूरी बातें-

1 : दीपक खंडित नहीं होना चाहिए


शास्त्रों में यह स्पष्ट कहा गया है कि जब आप अखंड ज्योति का दीप प्रज्जवलित करें तो सुनिश्चित कर लें दीपक कहीं से खंडित नहीं होना चाहिए इसके साथ ही ध्यान रहे कि दिया मिट्टी का ही होना चाहिए क्योकि मिट्टी का दीपक शुभ होता गया है|

छह अप्रैल से चैत्र नवरात्रि की शुरूवात हो रही है ऐसे में सभी नवरात्रि पूजन के लिए तैयारियों में जुटा है, मान्यता है जिन घरों में नवरात्र के दौरान अखंड ज्योति जलाई जाती है, उनपर मां की विशेष कृपा होती है लेकिन अगर आप देवी मां के सामने अखंड ज्योति जला रहे हैं तो इन 5 बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है |  जानिए क्या हैं ये 5 जरूरी बातें-

1 : दीपक खंडित नहीं होना चाहिए


शास्त्रों में यह स्पष्ट कहा गया है कि जब आप अखंड ज्योति का दीप प्रज्जवलित करें तो सुनिश्चित कर लें दीपक कहीं से खंडित नहीं होना चाहिए इसके साथ ही ध्यान रहे कि दिया मिट्टी का ही होना चाहिए क्योकि मिट्टी का दीपक शुभ होता गया है|

2: दीप जलाने में देसी घी का प्रयोग करें


अखंड दीप जलाने में कोशिश करें कि देसी घी का ही प्रयोग करें| देसी घी से दिया जलाना शुभ माना जाता है और विशेष ध्यान रहे कि एक बार ज्योति जला दें तो फिर वह नौ दिन तक बुझनी नहीं चाहिए|

3 : आस-पास शौचालय या स्नानगृह नहीं होना चाहिए
तीसरी सबसे जरुरी बात है जिस स्थान पर अखंड ज्योति प्रज्वलित कर रहे हैं, उसके आस-पास शौचालय या स्नानगृह न हो|ज्योति जलाने वाला को बिस्तर पर नहीं सोना चाहिए उसे जमीन पर चटाई डालकर ही सोना चाहिए|


अखंड दीप जलाने में कोशिश करें कि देसी घी का ही प्रयोग करें| देसी घी से दिया जलाना शुभ माना जाता है और विशेष ध्यान रहे कि एक बार ज्योति जला दें तो फिर वह नौ दिन तक बुझनी नहीं चाहिए|

3 : आस-पास शौचालय या स्नानगृह नहीं होना चाहिए
तीसरी सबसे जरुरी बात है जिस स्थान पर अखंड ज्योति प्रज्वलित कर रहे हैं, उसके आस-पास शौचालय या स्नानगृह न हो|ज्योति जलाने वाला को बिस्तर पर नहीं सोना चाहिए उसे जमीन पर चटाई डालकर ही सोना चाहिए|

3 : आस-पास शौचालय या स्नानगृह नहीं होना चाहिए
तीसरी सबसे जरुरी बात है जिस स्थान पर अखंड ज्योति प्रज्वलित कर रहे हैं, उसके आस-पास शौचालय या स्नानगृह न हो|ज्योति जलाने वाला को बिस्तर पर नहीं सोना चाहिए उसे जमीन पर चटाई डालकर ही सोना चाहिए|

4 : उत्तर पूर्व दिशा को माता की प्रतिमा और अखंड ज्योति प्रज्वलित करना चाहिए
शास्त्रों के अनुसार उत्तर पूर्व दिशा को देवताओं की दिशा माना जाता है अतः इस दिशा में माता की प्रतिमा और अखंड ज्योति प्रज्वलित करना शुभ होता है|अगर आप संकल्प लेकर ज्योत जगा रहे हैं तो उसे खुद न बुझाएं | नवरात्रि पूजा संपन्न हो भी जाये टी भी उसे अपने आप ही बुझने दें|

5 : घी युक्त ज्योति देवी के दाहिनी और तिल के तेल की ज्योति देवी के बाईं ओर रखें


और पांचवीं महत्वपूर्ण बात यह है कि अगर आप घी युक्त ज्योति जला रहे हैं तो उसे देवी के दाहिनी ओर रखें और अगर तिल के तेल की ज्योति जला रहे हैं तो देवी के बाईं ओर रखनी चाहिए|साथ ही जरुरी है पूजा स्थल के पास सफाई होनी चाहिए| वहां किसी प्रकार कि गन्दी वास्तु जैसे गंदा कपड़ा इत्यादि|


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